‘हाथ में कलावा, माथे पर टीका, सनातन अपना लें फिर…’, गरबा में मुस्लिमों की एंट्री को लेकर बोले भाजपा विधायक
भाजपा विधायक बालमुकुंद आचार्य (फाइल फोटो)
Jaipur News: राजस्थान की राजधानी जयपुर में हवा महल से भारतीय जनता पार्टी के विधायक बालमुकुंद आचार्य नवरात्र के दौरान होने वाले गरबा और डांडिया को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि गैर धर्म के लोग जो इसमें शामिल होने की दिलचस्पी रखते हैं उनका सनातन धर्म अपना लेना चाहिए. जिन लोगों को देवी मां का नाम लेने में दिक्कत होती है, तो ऐसे आयोजनों में कतई नहीं आना चाहिए. पढ़ें विधायक बालमुकुंद आचार्य ने क्या कहा?
बालमुकुंद आचार्य ने यह बात मीडिया से बातचीत के दौरान कही. उन्होंने कहा कि नवरात्र पर डांडिया और गरबा के आयोजन देवी मां की आराधना का हिस्सा होते हैं. देवी मां के आगमन में उनके स्वागत के लिए डांडिया और गरबा का आयोजन किया जाता है. अगर कोई गैर धर्म का व्यक्ति इस कार्यक्रम में शामिल होना चाहता है, तो उसका स्वागत है, लेकिन सनातन धर्म अपना लेना चाहिए. वहीं, जिन लोगों को देवी मां का नाम लेने में दिक्कत है. उन्हें ऐसे आयोजनों में कतई नहीं आना चाहिए.
आयोजक जांच-पड़ताल के ही दें एंट्री
इस दौरान उन्होंने कहा कि सनातन से नफरत करने वाले और उससे दूरी बनाए रखने वालों को इसमें शामिल नहीं होना चाहिए. धार्मिक उत्सव में गलत मंशा से शामिल होना कतई उचित नहीं हैं. आयोजकों को ध्यान देना होगा कि दूसरे धर्मों के लोग किस नीयत के साथ शामिल होना चाहते हैं. इसके बाद ही एंट्री दी जाए. अगर कोई दूसरे धर्म का आदमी गरबा में शामिल होना चाहता है, तो ऐसी दशा में गेट पर ही उससे देवी मां का जयकारा लगवाएं. उसके माथे पर तिलक और हाथ में कलावा होना चाहिए.
ये भी पढ़ेंः ‘जब जिद पे आ गई पार्वती’, भजन सुनकर मंत्रमुग्ध हुए PM मोदी, खंजरी भी बजाते आए नजर
दूसरे धर्मों के लोगों की एंट्री पर रोक को बताया सही
विधायक बालमुकुंद आचार्य ने गरबा-डांडिया आयोजन में दूसरे धर्मों के लोगों को रोकने के फैसले को सही बताया है. फिलहाल, भाजपा विधायक के इस बयान के बाद नवरात्र से पहले ही हलचल तेज हो गई है. हालांकि, विधायक के इस बयान को लेकर दूसरे धर्मों की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. बालमुकुंद आचार्य अपने बयानों को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहते हैं.