पहले थप्पड़ मारा अब इंक फेकी! अभिजीत दीपके के ऊपर जंतर-मंतर में फिर हुआ हमला
अभिजीत दीपके
Abhijeet Dipke: दिल्ली के जंतर-मंतर पर 21 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह पुलिस ने उठाकर अस्पताल में शिफ्ट कर दिया. सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने इसका विरोध किया और खुद अनशन करने की बात कही. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस का विरोध किया, जिससे वहां हंगामा हो गया. जब दीपके लोगों को संबोधित कर रहे थे उसी दौरानमंच से नीचे आकर बैठे दीपके पर एक महिला ने स्याही फेंकी और उनके साथ मारपीट की कोशिश भी की.
महिला ने जिस समय जंतर मंतर पर दीपके पर हमले की कोशिश की. उस समय वह लोगों को संबोधित कर रहे थे. पहले तो महिला एकदम सामने आ गई. जिससे वहां पर अफरा-तफरी मच गई. वहां मौजूद भीड़ ने महिला को पकड़ लिया.
इस पूरी घटना पर दीपके का भी बयान सामने आया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि ब्लू इज माय कलर, और जय भीम, मतलब यह कि महिला के इंक फेंकने को भी दीपके ने पॉजिटिव अंदाज में लिया.
कैसी है वांगचुक की हालत?
सफदरजंग अस्पताल की मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. चारू बंबा ने वांगचुक की ताजा स्थिति को लेकर बताया है. उन्होंने हेल्थ बुलेटिन जारी करते हुए कहा कि सोनम वांगचुक सुबह करीब 7:40 बजे हमारे अस्पताल पहुंचे थे. लंबे समय से खाना और अन्य चीजें न लेने के कारण वह थोड़े कमजोर हो गए हैं. इसके साथ ही उन्हें हल्की डिहाइड्रेशन की समस्या है. हम उन्हें कुछ समय तक निगरानी में रखेंगे क्योंकि डिहाइड्रेशन के कारण उनके इलेक्ट्रोलाइट लेवल पर असर पड़ने के संकेत हैं.
सोनम की पत्नी ने क्या कहा?
सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे आंग्मो ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश में अस्पताल में भर्ती करने की बात कभी नहीं कही गई थी. उसमें बस यह कहा गया था कि किसी व्यक्ति की सेहत सबसे ज़रूरी है और समय-समय पर उसकी निगरानी होनी चाहिए. अस्पताल में भर्ती करने का आदेश नहीं दिया गया था. इसलिए, यह हाई कोर्ट के आदेश के मुताबिक नहीं है.
उन्होंने आगे बताया कि अभी कोई इलाज नहीं चल रहा है. सिर्फ़ निगरानी और टेस्ट हो रहे हैं, और हम असल में किसी बाहरी लैब से टेस्ट करवाने वाले हैं. क्योंकि वे हमारी मांगी गई रिपोर्ट नहीं दे रहे हैं, और वे जो आंकड़े बता रहे हैं, जैसे पोटैशियम का लेवल 2.9 तक पहुंचना. कल यह 4.3 था, तो आज यह इतना बदल नहीं सकता था. हम कोई भी दवा देने से पहले किसी दूसरी लैब से इसकी पुष्टि करना चाहते हैं. वह अभी भी उपवास पर हैं. उपवास जारी है क्योंकि वह कोई चीनी नहीं ले रहे हैं. वह सिर्फ़ नमक वाला पानी ले रहे हैं जो वह पहले ले रहे थे.
आगे कहा कि मैं शुक्रगुजार हूं कि सरकार ने उन्हें यहां लाने की परवाह की, लेकिन आगे के कदम हम खुद उठाएंगे. इस मामले में सरकार के दखल की कोई ज़रूरत नहीं है. वह निश्चित रूप से कमज़ोर हैं और उनका मसल मास कम हो रहा है. जो किसी भी उपवास के दौरान होता है. लेकिन, वह सतर्क और बहुत मज़बूत हैं.
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