दिल्ली गैंगरेप केस में पुलिस के हाथ लगे बड़े सबूत, अब बस ड्राइवर-कंडक्टर की DNA रिपोर्ट का इंतजार
बस और उसका ड्राइवर
Delhi Sleeper Bus Gangrape: देश की राजधानी दिल्ली में पिछले दिनों चलती स्लीपर बस में 16 साल की छात्रा के साथ कथित गैंगरेप का मामला सामने आया था. इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी थी. जिसके बाद बस ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया. मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस के हाथ अहम फॉरेंसिक सबूत लगे हैं.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बस से पीड़िता और दोनों आरोपियों के फिंगरप्रिंट मिले हैं. आरोपियों की पहचान बस ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप के रूप में हुई है. अब पुलिस DNA जांच की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. रिपोर्ट आने के बाद केस में सबूतों की कड़ी और मजबूत होने की उम्मीद है.
बस की सीट और स्टीयरिंग से लिए सैंपल
पुलिस ने घटना में इस्तेमाल स्लीपर बस को जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है. जांच टीम ने बस की सीटों और स्टीयरिंग से भी नमूने जुटाए हैं. इसके अलावा ड्राइवर और कंडक्टर के घटना के समय पहने कपड़े भी कब्जे में लिए गए हैं. इन सभी नमूनों की वैज्ञानिक जांच कराई जा रही है. पुलिस का कहना है कि DNA रिपोर्ट इस मामले में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है.
4 अगस्त की बताई जा रही है घटना
पुलिस के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के मैनपुरी की रहने वाली कक्षा 11 की छात्रा 4 अगस्त की रात परी चौक के पास बस में सवार हुई थी. आरोप है कि बस के अंदर ड्राइवर और कंडक्टर ने उसके साथ वारदात की. इसके बाद छात्रा को दिल्ली के कश्मीरी गेट इलाके के पास छोड़ दिया गया. पुलिस ने दोनों आरोपियों को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया था.
NHRC ने भी लिया संज्ञान
मामले को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी गंभीरता से लिया है. आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस कमिश्नर, गौतम बुद्ध नगर के पुलिस कमिश्नर और मैनपुरी के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी किया है. तीनों अधिकारियों से मामले की जांच की प्रगति और पीड़िता को दी गई सहायता समेत विस्तृत रिपोर्ट दो सप्ताह में मांगी गई है.
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