दिल्ली अग्निकांडः एक ही परिवार के 8 लोगों की दर्दनाक मौत, रुला देंगे CA विवेक अग्रवाल के आखिरी शब्द

Delhi Malviya Nagar Fire Incident Update: भाई, शायद अब हम बच नहीं पाएंगे. यह विवेक अग्रवाल के आखिरी शब्द थे, जो अपने पिता का इलाज कराने गुरुग्राम से दिल्ली आए थे. विवेक के परिवार के 8 लोगों की दिल्ली के होटल में आग लगने से मौत हो गई है.
Vivek Agrawal Delhi Fire

परिवार के साथ विवेक अग्रवाल, जिनकी दिल्ली के होटल में आग लगने से मौत हो गई.

Eight Family Members Died Delhi Fire Case: दिल्ली में बुधवार की सुबह करीब 10 एक रेस्टोरेंट में आग लग गई, जिसमें एक परिवार समेत 21 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. जिसमें 12 विदेशी नागरिक हैं. इस हादसे ने एक परिवार को अकाल मृत्यु दे दी. गुड़गांव से इलाज के लिए दिल्ली आया अग्रवाल परिवार ने एक साथ दुनिया को अलविदा कर दिया. जब होटल में आग लगी उस दौरान विवेक अग्रवाल जो पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं. उन्होंने अपने दोस्त पुनीत गुप्ता को फोन कर बोले, भाई, शायद हम बच नहीं पाएंगे. यह सुनते ही पुनीत के पैरों तले जमीन खिसक गई.

भाई, शायद अब हम बच नहीं पाएंगे. यह विवेक अग्रवाल के आखिरी शब्द थे, जो अपने पिता का इलाज कराने गुरुग्राम से दिल्ली आए थे. दिल्ली के मैक्स अस्पताल में विवेक अग्रवाल के पिता राधेश्याम अग्रवाल का इलाज चल रहा था. जिसकी देखरेख के लिए विवेक और उनका पूरा परिवार दिल्ली आया था. इस दौरान जब रात होने लगी तो एक होटल में किराए से कमरा लेकर वहां ठहर गए, लेकिन उन्हें इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि आज की रात आखिरी रात होगी.

एक ही परिवार के 8 लोगों की मौत

राधेश्याम की देखरेख के लिए उनके बेटे, पत्नी और पोतियां भी आई थी. जिसकी वजह से विवेक अग्रवाल ने पास के ही एक होटल में कमरे बुक किया और वहीं रुकना उचित समझा. लेकिन सभी काल के गाल समा गए. इस हादसे में विवेक अग्रवाल, उनकी पत्नी तरजिनी अग्रवाल, मां प्रेमलता अग्रवाल, बेटियां जीविसा और वरिया शामिल हैं. इसके अलावा उनके रिश्तेदार भी आग की चपेट में आ गए, जिनकी मौत हो गई.

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दोस्त को लगाया आखिरी फोन

आग जब भीषण रूप लेने लगी और विवेक अग्रवाल के रूम तक लपटें जाने लगीं तो उन्हें आभास हो गया कि अब जिंदा नहीं बचेंगे. उन्होंने अपने दोस्त को फोन कर कहा कि भाई, शायद अब हम बच नहीं पाएंगे. यह सुनते ही दोस्त पुनीत ने उन्हें हिम्मत देने की कोशिश की और कहा कि किसी तरह से अपने आप को धुएं से बचाओ, लेकिन बचना मुश्किल था. इस दौरान विवेक समेत उनके परिवार के 8 लोगों ने अपनी जान गंवा दी.

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