JSSC-CGL रद्द होने से मचा बवाल, नौकरी पा चुके अभ्यर्थी बोले- ‘एक पल में हम बेरोजगार हो गए’

Jharkhand Exams: JSSC-CGL परीक्षा रद्द होने के बाद नौकरी पा चुके अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी है. सचिवालय के बाहर प्रदर्शन कर युवाओं ने सरकार से फैसले पर पुनर्विचार की मांग की.
अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी

अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी

Jharkhand Exams JSSC-CGL Cancellation: झारखंड की राजधानी रांची में 25 दिने चले व‍िरोध प्रदर्शन के बाद सरकार ने सभी मांगों को मान लिया है. इसके तहत कई पुरानी भर्ति‍यों को रद्द कर द‍िया है. हालांकि इस फैसले के बाद अब एक और नया व‍िवाद खड़ा हो गया है. JSSC-CGL परीक्षा में चयन‍ित होकर नौकरी कर रहे अभ्‍यर्थ‍ियों ने सरकार के इस फैसले का व‍िरोध शुरू कर द‍िया है. उनका कहना है कि उन्होंने कानूनी प्रक्रिया से गुजरने के बाद नियुक्ति पाई थी, लेकिन अब सरकार के फैसले ने उनकी नौकरी और भविष्य दोनों को संकट में डाल दिया है.

दरअसल, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार, 17 अगस्त को हुई विशेष कैबिनेट बैठक में JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया गया. इसके साथ ही सरकार ने 2014 से अब तक आउटसोर्स एजेंसी TDPL के माध्यम से आयोजित कराई गईं. सभी भर्ती परीक्षाओं और उनसे जुड़े परिणामों को भी निरस्त करने की घोषणा की.

सरकार के फैसले के बाद जहां लंबे समय से परीक्षा में कथित गड़बड़ी के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों के एक वर्ग ने खुशी जताई, वहीं JSSC-CGL के जरिए नौकरी पाने वाले अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी देखने को मिली. इन अभ्यर्थियों ने सचिवालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए सरकार से फैसले पर दोबारा विचार करने की मांग की.

नौकरी पा चुके अभ्यर्थियों की बढ़ी चिंता

प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों का कहना है कि उनकी नियुक्ति अदालत के आदेश के बाद हुई थी. ऐसे में परीक्षा को रद्द किए जाने से वे खुद को असमंजस की स्थिति में पा रहे हैं. कई अभ्यर्थियों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने इस नौकरी तक पहुंचने के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी थी, अब एक सरकारी फैसले ने उन्हें फिर बेरोजगारी के डर के सामने खड़ा कर दिया है.

एक अभ्यर्थी ने कहा कि सरकार के निर्णय के बाद उसका परिवार फिर चिंता में है. उसने सरकार से अपील की कि फैसले पर पुनर्विचार किया जाए. इसके साथ ही नियुक्त कर्मचारियों के भविष्य को ध्यान में रखा जाए.

दूसरे अभ्यर्थी ने बताया कि हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच के फैसले के बाद उनकी नियुक्ति हुई थी. मामले में सुप्रीम कोर्ट की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी थी. उसके मुताबिक, कई ऐसे उम्मीदवार हैं जिन्होंने पुरानी नौकरी छोड़कर JSSC-CGL के जरिए मिली नियुक्ति स्वीकार की थी. अब परीक्षा रद्द होने के बाद उनके सामने दोबारा रोजगार का संकट खड़ा हो गया है.

आंदोलन कर रहे छात्रों ने भी जताई असहमति

इस पूरे मामले में JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच से जुड़े छात्रों का आंदोलन भी जारी है. छात्रों का कहना है कि सरकार ने परीक्षाएं रद्द करने का फैसला तो कर लिया, लेकिन कथित गड़बड़ियों की CBI जांच को लेकर अभी स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया है. उनका कहना है कि जब तक इस मांग पर सरकार की ओर से ठोस कदम नहीं उठाया जाता, तब तक आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा.

20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव का कार्यक्रम होगा या नहीं, इस पर छात्र प्रतिनिधियों के बीच चर्चा की जानी है. बैठक के बाद आंदोलन की अगली रणनीति तय होने की संभावना है.

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