जले नोटों के मामले में जस्टिस यशवंत वर्मा पर आरोप साबित, नहीं दे पाए जवाब, संसद में फाइनल रिपोर्ट पेश

Justice Yashwant Verma Burnt Notes Case: हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस यशवंत वर्मा को लोकसभा की जांच समिति ने कैश कांड के मामले में दोषी ठहराया है. जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट को आज बुधवार को दोनों सदनों में पेश कर दिया है.
Justice Yashwant Verma Burnt Notes Case

जले नोटों के मामले में जस्टिस यशवंत वर्मा पर आरोप साबित

Parliament Panel Proves Charges: हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस यशवंत वर्मा को लोकसभा की जांच समिति ने कैश कांड के मामले में दोषी ठहराया है. जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट को आज बुधवार को दोनों सदनों में पेश कर दिया है. जिसमें बताया गया कि नई दिल्ली में 30, तुगलक क्रिसेंट स्थित सरकारी आवास के स्टोररूम में 500 रुपये के नोटों की बड़ी और बिना हिसाब-किताब वाली रकम मिली थी. यह रिपोर्ट लोकसभा और राज्यसभा में संबंधित महासचिवों ने पेश की है.

रिपोर्ट में क्या?

लोकसभा की जांच समिति ने जस्टिस वर्मा के खिलाफ लगाए गए तीनों आरोपों को सही माना है. जांच समिति ने अपनी अंतिम रिपोर्ट, कार्यवाही का रिकॉर्ड और सभी संबंधित दस्तावेज प्राधिकारी को सौंप दिए हैं. रिपोर्ट अब लोकसभा में पेश कर दी गई है. जहां से रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

क्या हैं आरोप?

पूर्व जस्टिस यशवंत वर्मा पर आरोप है कि उनके आधिकारिक आवास के स्टोररूम में बड़ी मात्रा में नकदी मिली थी. जिसके स्त्रोत को लेकर उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया है. दूसरा आरोप है कि उन्होंने घटना के बाद कानूनी सीलिंग और निरीक्षण से पहले स्टोररूम की स्थिति के साथ छेड़छाड़ की गई. इस दौरान कुछ करेंसी भी गायब होने के सबूत मिले, जिसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला. वहीं उनके ऊपर तीसरा आरोप है कि उन्होंने पूछताछ के दौरान असंतोषजनक और टालमटोल वाला जवाब दिया. समिति ने पूर्व जस्टिस के खिलाफ चल रही जांच के आधार पर आरोप सही पाए. जिसकी जांच रिपोर्ट संसद में पेश की गई है.

ये भी पढ़ेंः पूर्व CJI चंद्रचूड़ को रूस ने सौंपी बड़ी जिम्मेदारी, यूक्रेन से जुड़े अरबों के विवाद में लड़ेंगे केस

क्या था मामला?

दरअसल, यह मामला 14 मार्च 2025 का है. जहां जस्टिस वर्मा के घर पर आग लग गई. इस दौरान जब आग बुझाने के लिए दमकल की टीम पहुंची तो उसे बेहिसाब नगदी मिली. घटना के दौरान जस्टिस वर्मा अपनी पत्नी के साथ मध्य प्रदेश दौरे पर थे. जिसके बाद यह मामला तूल पकड़ लिया और जांच के आदेश दिए गए. लोकसभा की जांच समिति ने जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ रिपोर्ट में कई ऐसी बातें बताईं, जिनसे उन्हें दोषी ठहराया गया.

ज़रूर पढ़ें