‘हमारे पास भी संजय, हमें किसी की नहीं जरूरत…’, उद्धव के 6 सांसद शिंदे की शिवसेना में शामिल, प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या बोले?

MAHARASHTRA POLITICS: महाराष्‍ट्र में उद्धव गुट के 6 बागी सांसदों ने श‍िंदे गुट की श‍िवसेना का थामन आख‍िरकार थाम लिया है. इस पर एकनाथ शिंदे ने कहा कि अब दूसरा चरण शुरू हो गया है.
बागी सांसदों के साथ एकनाथ श‍िंदे

बागी सांसदों के साथ एकनाथ श‍िंदे

MAHARASHTRA POLITICS: महाराष्ट्र में पिछले 1 महीने से चल रहा ऑपरेशन टाइगर अब कंप्लीट होता दिखाई दे रहा है. उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना के 6 सांसदों ने सोमवार को एकनाथ शिंदे की शिवसेना का दामन थाम लिया. इस दौरान खुद एकनाथ शिंदे भी मौजूद रहे. बागी सांसदों ने उपमुख्यमंत्री के नंदनवन बंगले पर बैठक भी की है.

 एकनाथ शिंदे ने कहा कि आज हमारे साथ 6 सांसद शामिल हुए हैं. संजय हरिभाऊ जाधव, भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे, ओमप्रकाश भूपालसिंह निंबालकर, संजय दीना पाटिल, संजय उत्तमराव देशमुख और नागेश बापुराव पाटील अष्टिकर। तो हमारे साथ यहां 3 संजय हैं. हमारे यहां एक और संजय राठौड़ (विधायक) भी हैं. जब हमारे यहां संजय हैं, तो किसी और संजय के बारे में बात करने की जरूरत नहीं है, और आप जानते हैं कि मैं किसकी बात कर रहा हूं.”

कौन हैं वो सांसद जिन्होंने किया बगावत

  • संजय दिना पाटिल
  • संजय देशमुख
  • नागेश पाटिल अष्टीकर
  • ओमराजे निंबालकर
  • भाऊसाहेब वाकचौरे
  • संजय जाधव  

हमारी लड़ाई बालासाहेब के विचारों के लिए है-एकनाथ

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए एकनाथ शिंदे ने कहा कि जब हमने विद्रोह किया था, तब शुरुआत में 40 विधायक थे और अब चौके नहीं, छक्के लग चुके हैं. 2022 में शिवसेना ने पार्टी को बचाने के लिए धनुष-बाण को बचाने के लिए विद्रोह किया था. अब दूसरा चरण शुरू हो गया है.

उन्‍होंने कहा कि हमारी लड़ाई बाबासाहेब के विचारों के लिए है, इन विचारों को संरक्षित करने के लिए है, इसलिए आज इन 6 सांसदों ने बालासाहेब की असली शिवसेना में शामिल होने का फैसला किया है.

आदित्य ठाकरे ने बोला हमला

अपनी पार्टी के 6 बागी सांसदों पर शिवसेना (UBT) विधायक आदित्य ठाकरे ने कहा, “वे बागी नहीं बल्कि ‘डरपोक और बेकाऊ’ हैं. उन्हें उद्धव बालासाहेब ठाकरे और एमवीए के नाम पर भाजपा के खिलाफ चुना गया था. अब भाजपा उन्हें अपने ‘दलदल’ में शामिल करना चाहती है ताकि वे दो तिहाई ( 2/3 मेजॉरिटी) (लोकसभा में) हासिल करके देश का संविधान बदल सकें. उन्‍होंने कहा कि अगर इस देश में कानून और संविधान है, तो हम न्याय की उम्मीद कर सकते हैं.”

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