रांची छात्र आंदोलन के बीच बड़ा एक्शन, JPSC के पूर्व चेयरमैन गिरफ्तार, कुछ दिन पहले ही दिया था इस्तीफा
JPSC के पूर्व चेयरमैन एल खांग्याते
CID Arrests Former JPSC Chairman: झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन यानी कि JPSC के पूर्व चेयरमैन एल खांग्याते को CID ने गिरफ्तार कर लिया है. एक दिन पहले ही यानी कल 9 अगस्त को जेपीएससी के तीन सदस्यों का राज्यपाल ने इस्तीफा स्वीकार किया था. पूर्व चेयरमैन एल खांग्याते ने CID की छापेमारी के दौरान 22 जुलाई 2026 को इस्तीफा दिया था.
जानकारी के अनुसार, पूर्व चेयरमैन एल खांग्याते जेपीएससी परीक्षाओं में धांधली के मुख्य किरदार रहे हैं. उन पर आरोप है कि पहले से ब्लैकलिस्टेड कंपनी को उन्होंने पेपर कराने के लिए चुना था. JPSC की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा कराने के लिए TDP कंपनी को चुना गया था, जो पहले से ब्लैकलिस्टेड थी.
रांची, झारखंड | CID ने JPSC के पूर्व चेयरमैन एल खियांग्ते को गिरफ़्तार किया: CID झारखंड
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 10, 2026
यह घटनाक्रम रांची, झारखंड में JPSC-JSSC उम्मीदवारों के विरोध-प्रदर्शन के बीच हुआ है। छात्र संगठन JSSC-CGL परीक्षा की पूरी और स्वतंत्र CBI जांच, तथा JPSC और JSSC दोनों में व्यापक सुधारों की… pic.twitter.com/0RAdGlRxaz
CID ने 7 घंटे की थी पूछताछ
बता दें, झारखंड CID ने 3 अगस्त को एल खांग्याते से लगभग 7 घंटे पूछताछ की थी. इस दौरान प्रदेश के करीब 18 जगहों पर झापेमारी की गई थी. एल खांग्याते इस दौरान सुबह करीब 11 बजे CID अधिकारियों के सामने पेश हुए और शाम करीब 6 बजे एजेंसी का ऑफिस छोड़कर चले गए थे.
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क्या हैं आरोप?
एल खांग्याते पर आरोप है कि उन्होंने कंपनी का बैकग्राउंड चेक किए बिना ही जानबूझकर उस कंपनी का चुनाव किया. जो पहले ब्लैकलिस्टेड है. इसके अलावा TDPL कंपनी के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी ने दावा किया था खियांग्ते ने एजेंसी को ठेका देने के बदले 2 करोड़ रुपए और सभी भुगतानों पर 20 प्रतिशत कमीशन की मांग की थी. फिलहाल, JPSC के पूर्व चेयरमैन एल खांग्याते को CID ने गिरफ्तार कर लिया है. अब उनसे पूछताछ जारी है.