‘जन्म से अन्न नहीं खाया फिर भी 45 साल से जिंदा हूं’, शख्स का दावा- सुबह- शाम एक ग्लास दूध पीता हूं; डॉक्टर्स भी हैरान

पूनम सिंह ने बताया कि वे अपने परिवार के साथ रहते हैं, लेकिन उन्होंने शादी नहीं की है. सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में उनकी आसापास के इलाकों में पहचान है. प्यार से लोग उन्हें 'माराज' (महाराज) कहते हैं.
Poonam Singh, a resident of Rajsamand, Rajasthan, has claimed that she has not eaten food for 45 years.

राजस्थान के राजसमंद के रहने वाले पूनम सिंह ने 45 सालों से अन्न ना खाने का दावा किया है.

45 Years Survived Only Milk: सामान्य तौर पर आप एक या दो दिन खाना ना खाएं तो आपका शरीर अजीब बर्ताव करने लगता है. कुछ लोग व्रत या फिर किसी अन्य धार्मिक वजहों से कुछ दिन खाना नहीं खाते हैं तो उन्हें कमजोरी का एहसास होने लगता है. लेकिन राजस्थान के राजसमंद से एक आश्चर्यचकित कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक शख्स ने दावा किया है कि उसने पिछले 45 सालों से अन्न नहीं खाया है. सुबह और शाम सिर्फ एक गिलास दूध पीकर ही दिनभर शरीर में ऊर्जा बनी रहती है. शख्स के इस दावे पर डॉक्टर्स भी हैरान हो गए हैं.

‘जन्म से अन्न नहीं खाया, लेकिन फिर भी बीमार नहीं पड़ता’

पूनम सिंह राजसमंद के तकड़ियों का गुड़ा गांव के रहने वाले हैं. पूनम का कहना है कि उनकी उम्र लगभग 45 साल है. लेकिन उन्होंने जब से जन्म लिया है कभी भी अन्न का स्वाद नहीं चखा. सिर्फ सुबह और शाम दूध पी लेते हैं. या फिर जब गर्मी ज्यादा होती है तो गन्ने का जूस पीकर काम चलाते हैं. लेकिन दिनभर उन्हें कभी ऊर्चा की कमी नहीं रहती. वे बाइक, ट्रैक्टर चलाते हैं और सारा दिन पूरी एनर्जी के साथ अपने सभी कामों को निपटाते हैं. उन्हें कोई दिक्कत नहीं होती है.

‘शादी जैसे कार्यक्रमों में चाय पी लेता हूं’

पूनम सिंह ने बताया कि वे अपने परिवार के साथ रहते हैं, लेकिन उन्होंने शादी नहीं की है. सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में उनकी आसापास के इलाकों में पहचान है. प्यार से लोग उन्हें ‘माराज’ (महाराज) कहते हैं. पूनम ने बताया कि अगर कोई किसी शादी या किसी अन्य शुभ कार्यक्रम में बुलाता है तो जरूर जाते हैं. हालांकि वे कार्यक्रमों में भी खाना नहीं खाते. बस एकाध कप चाय पी लेते हैं.

‘बीमार होने पर भी अन्न नहीं खाया’

पूनम सिंह ने बताया कि बताया कि सुबह-शाम एक-एक ग्लास दूध उन्हें स्वस्थ्य रखने के लिए पर्याप्त है. लेकिन साल 2000 में वे एक बार बीमार पड़े थे. उस वक्त डॉक्टर्स ने अन्न खाने के लिए रेकमंड किया था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया. फिर बिना अन्न खाए ही वो रिकवर हो गए. पूनम सिंह ने आगे बताया कि 26 साल बीत चुके हैं, लेकिन वे आजतक बीमार नहीं पड़े हैं और अन्न खाए बिना ही अपने जीवन को एंजॉय कर रहे हैं.

‘पूनम को आज तक अन्न खाते नहीं देखा’

पूनम सिंह के परिवार में माता-पिता के अलावा चाचा और दो बड़े भाई हैं. पूरा परिवार सुख-शांति के साथ रहता है. परिवार में किसी भी तरह का कोई विवाद नहीं है. पूनम के चाचा का कहना है कि जबसे उनके भतीजे का जन्म हुआ है, उन्होंने कभी भी उसे अनाज खाते नहीं देखा है. पूनम के दो बड़े भाई हैं, जिनका नाम दलपत सिंह और पर्वत सिंह हैं. भाइयों ने पूनम के बारे में बात करते हुए कहा कि पूनम अन्न ही नहीं बल्कि फल भी नहीं खाता है. वो केवल लिक्विड डाइट ही लेता है, जिसमें मुख्य रूप से दूध है.

डॉक्टर्स बोले- ऐसा बहुत रेयर केस में होता है

वहीं पूनम सिंह मामले पर डॉक्टर भी हैरान हैं. डॉक्टर्स का कहना है कि लिक्विड डाइट पर जीवन बिताने वाले कुछ रेयर लोग हुए हैं, क्योंकि लिक्विड डाइट पर जिंदा रहना आसान नहीं है. लेकिन पूनम सिंह का मामला थोड़ा अलग है. पूनम सिंह का दावा है कि वह केवल दूध पर जिंदा रहते हैं. इसमें कोई दो राय नहीं कि दूध एक संपूर्ण आहार माना जाता है. इसमें कैल्सियम और कई विटामिन होत हैं. लेकिन दूध में विटामिन सी नहीं होता है. इसके लिए आपको दूसरी लिक्विड डाइट की जरूरत होती है. इसके अलावा शारीर को कार्बोहाइड्रेट चाहिए होता है. केवल दूध के सहारे पूरा जीवन बिता देना, आसान नहीं है.

ये भी पढ़ें: घर और ऑफिस में कितने पर चलाएं AC? बिजली बचत को लेकर दिल्ली सरकार ने जारी किया आदेश

ज़रूर पढ़ें