NCERT Textbook Row: ‘किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा…’, एनसीईआरटी को सुप्रीम कोर्ट की फटकार, कहा- सारी किताबें वापस लो

NCERT Textbook Row: सुप्रीम कोर्ट ने NCERT किताब विवाद पर सुनवाई करते हुए फटकाल लगाई है. कोर्ट ने कहा कि किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, सारी किताबें वापस लो.
Supreme Court on NCERT

NCERT विवाद पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

SC On NCERT: नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) का विवाद सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है. विवाद के बीच आज गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट से केंद्र सरकार ने माफी मांगी. शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, NCERT अब वापस ली गई क्लास 8 सोशल साइंस पार्ट 2 टेक्स्ट बुक की 38 कॉपियां वापस लेने की कोशिश कर रहा है, जो बिक गई थीं. छपी 2.25 लाख कॉपियों में से 2,24,962 इन्वेंट्री में रह गईं और उन्हें वेयरहाउस में वापस भेज दिया गया है. आज गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिया कि पुस्तक की ऑनलाइन उपलब्ध PDF कॉपी तुरंत हटाई जाए.

दरअसल, NCERT की कक्षा 8वीं की नई सामाजिक विज्ञान की किताब में ‘न्यायपालिका भ्रष्टाचार’ चैप्टर को लेकर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी और कपिल सिब्बल ने कोर्ट के सामने उठाया था. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने बताया कि इस मामले पर पहले ही कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है. सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस आफ इंडिया सूर्यकांत ने कहा कि हम पता लगाना चाहते हैं कि आखिर इस अध्याय के प्रकाशन के पीछे कौन व्यक्ति जिम्मेदार है. कोर्ट ने स्पष्ट किया है चाहे वह कोई भी हो, न्यायपालिका की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली किसी सामग्री को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

कारण बताओ नोटिस जारी

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सेंट्रल और स्टेट अथॉरिटीज को निर्देश देते हुए कहा कि इसका तुरंत पालन किया जाए. इसके साथ ही कोर्ट ने चेतावनी भी दी और कहा कि अगर किसी भी प्रकार से निर्देशों का उल्लंघन करते पाया गया, तो गंभीर कार्रवाई की जाएगी. इसके अलावा अदालत ने NCERT डायरेक्टर और स्कूल एजुकेशन सेक्रेटरी को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है.

ये भी पढ़ेंः भारत का अभेद्य सुरक्षा ‘कवच’ बनेगा आयरन डोम! पीएम मोदी के इजरायल दौरे पर साइन हो सकती है डील, जानें खासियत

जिम्मेदारों को मिलेगी सजा

कोर्ट ने कहा कि यह ऐसा प्रतीत होता है कि न्यायपालिका को बदनाम करने की गहरी और सुनियोजित साजिश की गई है. इसलिए जिम्मेदारों को सजा मिलनी चाहिए. इस मामले की सघनता से जांच की जाएगी. इसके अलावा कोर्ट ने कहा कि अगर इस पर रोक नहीं लगाई गई तो न्यायपालिका में लोगों का विश्वास कम हो जाएगा.

ज़रूर पढ़ें