22 लाख छात्र फिर से क्यों दें NEET परीक्षा? सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर तुरंत सुनवाई से किया इनकार
सुप्रीम कोर्ट
NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा 22 जून को होने वाली है. ज्यादातर लोग इस दोबारा होने वाली परीक्षा के खिलाफ हैं, उनका तर्क है कि यह समय के साथ-साथ लोगों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश है. इसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका भी दायर की गई थी. जिसकी सुनवाई करने से चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने मना कर दिया, उन्होंने कहा कि नीट से जुड़े मामले दूसरी बेंच सुन रही है. यह केस भी उसी बेंच के सामने जुलाई के महीने में लगेगा.
NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है. याचिका में 21 जून को होने वाली री-एग्जाम प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए थे और परीक्षा व्यवस्था में बदलाव की मांग की गई थी.
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में कोई अंतरिम रोक लगाने से मना करते हुए विस्तृत सुनवाई को जुलाई तक के लिए टाल दिया है. मतलब साफ है कि अब बच्चों को दोबारा पेपर हर हाल में देना ही होगा.
पेपर लीक की खबरों के बाद दोबारा एग्जाम का फैसला
यह मामला उस विवाद के बाद सामने आया है जिसमें पेपर लीक के आरोपों के चलते राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने मई में आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया था. इसके बाद करीब 22 लाख अभ्यर्थियों के लिए 21 जून को पुनर्परीक्षा कराने का फैसला लिया गया.
कोर्ट के सामने क्या थी याचिकाकर्ताओं की अपील
याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि लाखों छात्रों को दोबारा परीक्षा देने के लिए मजबूर करना उचित नहीं है और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार किए जाने चाहिए. वहीं NTA और केंद्र सरकार का कहना है कि परीक्षा को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं तथा री-एग्जाम तय तारीख पर कराया जाएगा.
सोशल मीडिया पर न दें ध्यान- एनटीए
इस बीच NTA ने अभ्यर्थियों को फर्जी पेपर लीक और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से सावधान रहने की सलाह भी दी है. एजेंसी का कहना है कि 21 जून से पहले किसी के पास प्रश्न पत्र पहुंचना संभव नहीं है और गलत जानकारी फैलाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी.
फिलहाल स्थिति यह है कि 21 जून को होने वाली NEET-UG री-एग्जाम पर कोई रोक नहीं है और छात्रों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा में शामिल होना होगा, जबकि परीक्षा रद्द करने और NTA सुधारों से जुड़े मुद्दों पर अदालत जुलाई में विस्तार से सुनवाई करेगी.