आपके मोबाइल पर भी नहीं आया इमरजेंसी अलर्ट फ्लैश? क्या है इसकी वजह, जानें
आपके मोबाइल पर आया अलर्ट?
Phone Siran Sound: देशभर में शनिवार (02 मई) को लाखों लोगों के फोन पर तेज आवाज के साथ इमरजेंसी अलर्ट फ्लैश हुआ. यह कोई खतरे की सूचना नहीं,बल्कि सरकार की तरफ से नए सेल ब्रॉडकास्ट आधारित आपदा चेतावनी सिस्टम का टेस्ट था. इस तकनीक के जरिए भविष्य में भूकंप, बाढ़, साइकलोन या सुरक्षा खतरे जैसी स्थितियों में सीधे लोगों तक अलर्ट पहुंचाने की तैयारी की जा रही है.
लेकिन सवाल यह है कि क्या यह सिस्टम हर व्यक्ति तक पहुंच पाएगा? इसका जवाब हां में भी है और नहीं में भी है. इसके लिए कई तरह की सीमाएं तय की गई हैं.
मतलब यह कोई सामान्य SMS नहीं होता है. मोबाइल टावर एक साथ पूरे इलाके में सिग्नल भेजते हैं, जिससे आसपास मौजूद सभी फोन पर अलर्ट पहुंच जाता है. इसमें इंटरनेट या ऐप की जरूरत नहीं होती और यह कमजोर नेटवर्क में भी काम कर सकता है.
कहां फेल हो सकता है सिस्टम?
सरकार की यह तकनीक तेज और एडवांस है, लेकिन पूरी तरह भरोसेमंद नहीं कही जा सकती है. ऐसा इसलिए क्योंकि स्थितियों में लोगों को इसका अलर्ट नहीं मिल सकता है.
- नो नेटवर्क एरिया: जहां मोबाइल सिग्नल ही नहीं है, वहां अलर्ट नहीं पहुंचेगा.
- फोन बंद या बैटरी खत्म: डिवाइस ऑफ होने पर कोई संदेश नहीं मिलेगा.
- एयरप्लेन मोड: नेटवर्क कटते ही सिस्टम काम करना बंद कर देता है.
- पुराने फोन: कई फीचर फोन या पुराने स्मार्टफोन इस तकनीक को सपोर्ट नहीं करते.
- सेटिंग्स ऑफ होना: अगर यूजर ने इमरजेंसी अलर्ट बंद कर रखा है, तो मैसेज नहीं आएगा.
बिना सिम के भी आ सकता है अलर्ट
इस नए सिस्टम की खास बात यह है कि यह सिस्टम नंबर पर नहीं, बल्कि लोकेशन पर काम करता है. यानी अगर फोन नेटवर्क पकड़ रहा है, तो बिना सिम कार्ड के भी अलर्ट दिख सकता है.
लाइफ-सेवर टेक्नोलॉजी मान रही सरकार
सरकार इसे भविष्य के लिए “लाइफ-सेवर टेक्नोलॉजी” मान रही है, क्योंकि यह सेकंड्स में बड़े क्षेत्र में चेतावनी पहुंचा सकता है. पारंपरिक SMS की तुलना में यह ज्यादा तेज और प्रभावी है.
इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम देश के आपदा प्रबंधन में बड़ा बदलाव ला सकता है, लेकिन यह अभी भी 100% परफेक्ट नहीं है. जब तक नेटवर्क, डिवाइस और यूजर सेटिंग्स जैसी बाधाएं बनी रहेंगी, तब तक कुछ लोग इस सुरक्षा कवच से बाहर रहेंगे.
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