जंग के बाद पहली बार UAE पहुंचे PM मोदी, LPG सप्लाई को लेकर हुआ समझौता! होर्मुज को लेकर कही ये बात

Pm Modi Visit UAE: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जंग के बाद पहली बार यूएई पहुंचे हैं. संयुक्त अरब अमीरात दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जंग के दौरान धैर्य बनाए रखने के लिए यूएई की तारीफ की है. प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया का संकट पूरी दुनिया का संकट है.
पीएम मोदी का UAE में शानदार स्‍वागत

पीएम मोदी का UAE में शानदार स्‍वागत

PM Modi UAE Visit: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज को लेकर चल रहे विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को संयुक्त अरब अमीरात पहुंचे. अबू धाबी एयरपोर्ट पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया, जहां UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने खुद उनकी अगवानी की. इस दौरे को सिर्फ औपचारिक यात्रा नहीं, बल्कि बदलते वैश्विक हालात में भारत-UAE रिश्तों के नए चरण के तौर पर देखा जा रहा है.

प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब ईरान-इजरायल तनाव और अमेरिका-ईरान टकराव के असर से पूरी खाड़ी क्षेत्र की रणनीतिक स्थिति बदल रही है.

भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा है, क्योंकि भारत का बड़ा हिस्सा तेल और गैस इसी क्षेत्र से आता है. ऐसे में UAE के साथ लंबे समय के ऊर्जा समझौतों और रणनीतिक तेल भंडारण को लेकर बातचीत इस दौरे का अहम केंद्र रही. यूएई ने वादा किया कि वह भारत को हर साल 5 लाख टन एलपीजी गैस देगा.

किन मुद्दों पर बनी दोनों देशों के बीच सहमति

सूत्रों के मुताबिक, दोनों देशों के बीच LNG सप्लाई, LPG सहयोग और रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व से जुड़े अहम समझौतों पर सहमति बनी है. UAE पहले से भारत की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा भाग पूरा करता है और अब दोनों देश सप्लाई चेन को और मजबूत करने पर काम कर रहे हैं. भारत अपनी तेल भंडारण क्षमता भी तेजी से बढ़ा रहा है ताकि वैश्विक संकट के समय घरेलू जरूरतों पर असर कम पड़े.  

इस मुलाकात में रक्षा और सुरक्षा सहयोग भी बड़ा मुद्दा रहा है. दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा, साइबर सहयोग और आतंकवाद विरोधी साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया. हॉर्मुज क्षेत्र में लगातार बढ़ते खतरे के बीच भारत और UAE हिंद महासागर से लेकर खाड़ी क्षेत्र तक सामरिक तालमेल बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में क्या कहा?

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में क्षेत्र में हो रहे हमलों और स्थिरता पर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि समुद्री मार्गों की सुरक्षा और स्थिर ऊर्जा आपूर्ति पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी है. भारत ने साफ संकेत दिया कि वह पश्चिम एशिया में तनाव कम करने और कूटनीतिक समाधान के पक्ष में है.  

दोनों देशों के बीच मजबूत हो रहे रिश्ते

भारत और UAE के रिश्ते पिछले कुछ सालों में सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं रहे हैं. दोनों देश अब हाई-टेक, इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल पेमेंट, AI, रक्षा निर्माण और क्लीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में भी तेजी से सहयोग बढ़ा रहे हैं. UPI और UAE की डिजिटल भुगतान प्रणाली को जोड़ने के बाद दोनों देशों के बीच कारोबारी लेनदेन और भारतीय समुदाय को भी बड़ा फायदा मिला है.  

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