पंजाब: CM भगवंत मान को नहीं मिली जापान जाने की इजाजत, केंद्र के क्लियरेंस से अटका दौरा

Bhagwant Mann Japan Visit Denied: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का जापान दौरा केंद्र सरकार की राजनीतिक मंजूरी नहीं मिलने से अटक गया. मान जापान में भारतीय हॉकी टीम का मैच देखने के साथ पंजाब में होने वाले हॉकी टूर्नामेंट की तैयारियों को समझने जाने वाले थे.
Punjab Chief Minister Bhagwant Mann (File Photo)

पंजाव के मुख्यमंत्री भगवंत मान(File Photo)

MEA Clearance Denied CM Mann: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का जापान दौरा अटक गया है. केंद्र सरकार से राजनीतिक मंजूरी न मिलने के कारण उनका जापान दौरान कैंसिल हो गया है. मान जापान में चल रहे एशियाई खेलों में भारतीय पुरुष हॉकी टीम का सेमीफाइनल मुकाबला देखने के लिए जाने वाले थे. उन्हें एशियन हॉकी फेडरेशन की ओर से टूर्नामेंट के अंतिम चरण के मुकाबले देखने के लिए आमंत्रित किया गया था.

सूत्रों के मुताबिक, केंद्र की ओर से पंजाब सरकार को बताया गया है कि इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन में मुख्यमंत्री जैसे वीआईपी की सुरक्षा व्यवस्था करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है. इसी आधार पर उनके दौरे को मंजूरी नहीं दी गई. मान को 1 अक्टूबर को भारतीय हॉकी टीम का सेमीफाइनल मुकाबला देखने के लिए जापान पहुंचना था.

क्यों जापान जाने वाले थे सीएम मान

भगवंत मान के इस दौरे का संबंध सिर्फ भारतीय टीम का मैच देखने से नहीं था. पंजाब सरकार आगामी मेंस एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी करने वाली है. यह टूर्नामेंट 27 अक्टूबर से 5 नवंबर के बीच जालंधर और मोहाली में आयोजित होना है. ऐसे में जापान में बड़े अंतरराष्ट्रीय हॉकी आयोजन की व्यवस्थाओं को देखने से पंजाब को अपने टूर्नामेंट की तैयारियों में मदद मिलने की उम्मीद थी.

इस दौरे को पंजाब के लिए इसलिए भी अहम माना जा रहा था. क्योंकि भारतीय पुरुष हॉकी टीम की 20 सदस्यीय टीम में आठ खिलाड़ी पंजाब से हैं. मान इन खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के साथ-साथ टूर्नामेंट की तैयारियों को भी करीब से देखना चाहते थे.

पहले भी नहीं मिली थी मंजूरी

भगवंत मान के विदेशी दौरे को राजनीतिक मंजूरी नहीं मिलने का यह पहला मामला नहीं है. अगस्त 2024 में उन्हें पेरिस ओलंपिक में भारतीय पुरुष हॉकी टीम का मुकाबला देखने के लिए जाने की अनुमति नहीं मिली थी. इसके बाद जनवरी 2026 में प्रस्तावित ब्रिटेन और इजरायल दौरे को भी केंद्र से राजनीतिक मंजूरी नहीं मिल सकी थी. यह दौरा पंजाब में निवेश लाने से जुड़े कार्यक्रमों के लिए प्रस्तावित था.

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