रैपिडो से बुक की बाइक, जाते समय हुआ हादसा, अब महिला ने कंपनी पर कर दिया 20 लाख का केस!

Rapido Bike Accident Compensation Case: बेंगलुरु में एक महिला ने रैपिडो कंपनी पर 20 लाख रुपए का केस किया है. महिला का आरोप है कि रैपिडो ने उसकी जिंदगी बर्बाद कर दी.
Rapido Bike Accident Compensation Case

बेंगलुरु में महिला ने रैपिडो कंपनी पर कर दिया 20 लाख का केस!

Woman Files Compensation Claim: बेंगलुरु में एक युवती ने अपने ऑफिस जाने के लिए रैपिडो बाइक टैक्सी बुकिंग की थी, लेकिन इस दौरान उसका एक्सीडेंट हो गया. महिला का आरोप है कि चालक की लापरवाही के वजह से हमारा जीवन बर्बाद हो गया. इस दौरान महिला ने बताया कि इलाज पर 20 लाख रुपए से ज्यादा खर्च हो गए. जबकि रैपिडो की ओर से कोई मदद नहीं मिली. महिला ने अपनी आपबीती सोशल मीडिया पर शेयर किया है. जिसमें उसने रैपिडो के खिलाफ कंज्यूमर कोर्ट जाने की बात कही है.

महिला ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, “17 जून को, काम पर जाने के दौरान एक आम से सफर ने मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी. मैंने रैपिडो ऐप पर एक राइड बुक की, क्योंकि उनके “महिलाओं की सुरक्षा” वाले फीचर्स का बहुत ज्यादा प्रचार किया गया था. लेकिन, उनके राइडर की लापरवाही की वजह से मैं एक ट्रैक्टर के नीचे कुचल गई.

इलाज पर खर्च हुए 20 लाख रुपए से ज्यादा

उन्होंने आगे लिखा, “मेरी इमरजेंसी में तिल्ली (spleen) निकालने की सर्जरी हुई और मेरा लिवर बुरी तरह डैमेज हो गया, नौ पसलियां टूट गईं, फेफड़ा पिचक गया और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं. मेरे इलाज और अस्पताल का खर्च पहले ही 20 लाख रुपये से ज्यादा हो चुका है, जिससे मेरे और मेरे परिवार पर मेरे चल रहे इलाज और जिंदगी भर की देखभाल का भारी आर्थिक बोझ आ गया है.”

रैपिडो पर मदद नहीं करने का आरोप

महिला ने बताया कि मैं ठीक होने की कोशिश कर रही हूं, लेकिन रैपिडो की कॉर्पोरेट टीम ने मुझे पूरी तरह से अकेला छोड़ दिया है. उन्होंने हमारे कानूनी नोटिस को नजरअंदाज कर दिया. उन्होंने सीधी आर्थिक मदद देने से इनकार कर दिया और मेरी गंभीर चोटों के मामले को एक थर्ड-पार्टी माइक्रो-इंश्योरेंस ऐप पर टालने की कोशिश की. आप में से सैकड़ों लोगों ने उनके प्लेटफॉर्म पर गंभीर रूप से घायल होने की अपनी कहानियां शेयर की हैं और बताया है कि उन्हें भी ऐसी ही कॉर्पोरेट चुप्पी का सामना करना पड़ा. यह कोई एक घटना नहीं है. यह उनका काम करने का आम तरीका है.

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महिला ने कहा कि मैं रैपिडो को कंज्यूमर कोर्ट ले जा रही हूं. उनकी “सेफ़्टी फर्स्ट” (सुरक्षा सबसे पहले) की गारंटी एक खतरनाक मार्केटिंग झूठ है, और वे अब हमारी जिंदगी को मामूली नुकसान (collateral damage) की तरह नहीं ले सकते.

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