योगी सरकार ने बदला एक और जगह का नाम, ‘भरतपुर कालोनी’ के नाम से होगी यूपी के इस जगह की नई पहचान
CM Yogi Adityanath
बहराइच के अंतिम छोर पर बसे वन ग्राम भरथापुर जिसे भारत का आखिरी गांव में कहा जाता है. इसके विस्थापन के लिए बनाई जा रही है नई कॉलोनी का नाम अब भरतपुर कॉलोनी कर दिया गया है. इस दौरान मुख्यमंत्री ने 136 परिवारों को आवास व भूमि आवंटन पत्र का चेक भी वितरित किया। मंच पर उपस्थित 10 महिलाओं को मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से भूमि आवंटन पत्र सौंपे. इस परियोजना के लिए कुल 21 करोड़ 55 लाख 55 हजार 951 रुपये जारी किए गए हैं.
अपने भाषण के दौरान योगी आदित्यनाथ ने कहा कि
सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण के दौरान कहा कि अक्टूबर 2025 का दिन याद करिए, जब भरथापुर गांव से जुड़ी नाव बाजार से सामान खरीदकर जाते समय सरयू नदी की धारा में विलीन हो गई थी. इस दुर्घटना में नौ लोगों की मौत हो गई थी. उस समय जब मैंने प्रशासन से बातचीत की, तो पता चला कि जहां यह हादसा हुआ था, वहां घड़ियाल और मगरमच्छ रहते हैं. उस समय मैं अंदर से कांप गया कि गांव के लोग कैसे रहते हैं, उनकी पीड़ा को महसूस किया. इस पीड़ा को देखते हुए मैंने खुद वहां जाकर राहत कार्य शुरू किया.
नए गांव का नाम क्यों रखा भरतपुर
वह आगे कहते है कि आज इन परिवारों को उनके विस्थापन के तहत नई जगह सेमर्हना में बसाया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस नये बसाए गए गांव का नाम भरतपुर इसलिए रखा गया है क्योंकि चैत्र नवरात्रि में भगवान राम ने युद्ध जीतकर अयोध्या लौटने के बाद अपने भाई भरत से मिलने आए थे. दोनों भाइयों के बीच दिखने वाला प्रेम और भाईचारा इस नए गांव का नामकरण करने का कारण बना है.
गांव वालों ने जताया आभार
भरथापुर निवासी मुन्नालाल मौर्य ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि गांव तीन नदियों से घिरा हुआ है. वहीं किसी प्रकार की सुविधा न होते हुए 60 किलोमीटर की दूरी तय कर नाव से जाते हैं. शौचालय, विद्यालय आदि जाने के लिए कोई भी समस्या का समाधान नहीं थी. आज सीएम के निर्देश पर समस्या का समाधान हो रहा है. 29 अक्टूबर को हुए नाव हादसे के बाद सीएम ने तुरंत संज्ञान लेकर गांव बसाया जा रहा है. हम सब लोग बहुत खुश है. मुख्यमंत्री जी का हार्दिक आभार.