सोशल मीडिया पर तकरार फिर विवाद… क्या है वजह जिसके कारण मोहम्मद दीपक को जाना पड़ा जेल
मोहम्मद दीपक
Uttarakhand News:उत्तराखंड के कोटद्वार के रहने वाले मोहम्मद दीपक एक बार फिर चर्चा में हैं. हालांकि इस बार उनकी चर्चा के पीछे की वजह उनकी गिरफ्तारी है. पूरा मामला उज्जैन की शाही मस्जिद से जुड़ा हुआ है. जिसमें कथित टिप्पणी के बाद स्थानीय कारोबारियों से उनका विवाद हो गया था. कारोबारी की शिकायत पर पुलिस ने दीपक के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के अगले ही दिन उन्हें कोर्ट से जमानत मिल गई.
पुलिस के मुताबिक, मामला उज्जैन में शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाए जाने जुड़ा है. व्यापारी संजीव टोंक ने दीपक की ओर से शेयर की गई पोस्ट पर कमेंट किया था.इसके बाद दोनों के बीच सोशल मीडिया पर बहस हुई.
टोंक का आरोप है कि 1 अक्टूबर की सुबह दीपक उनकी कपड़े की दुकान पर पहुंचे. जहां पहुंचकर गाली-गलौज करने लगे, उनके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी. पुलिस ने घटनास्थल के सीसीटीवी और अन्य उपलब्ध वीडियो-फोटो की जांच करने के बाद दीपक के खिलाफ केस दर्ज किया.
किन धाराओं में हुआ था मामला दर्ज?
पुलिस ने शुरुआत में BNS की धारा 351(2) और 352 के तहत मामला दर्ज किया था. जांच के दौरान धारा 115 और 196 भी जोड़ी गईं. पूरे मामले को लेकर पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में शिकायतकर्ता के साथ अभद्रता और धमकी के आरोपों के समर्थन में सीसीटीवी समेत कुछ साक्ष्य मिले.
गिरफ्तारी क्यों हुई?
पुलिस ने दीपक को केवल दर्ज मामले के आधार पर ही नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के मद्देनजर BNSS की धारा 170 के तहत भी गिरफ्तार किया था. पुलिस का कहना था कि घटना के बाद तनाव की स्थिति बन रही थी. इसके साथ ही मौके पर भीड़ जुटने की आशंका थी. यही वजह है कि मामला सामने आने के बाद कोटद्वार में पुलिस ने फ्लैग मार्च निकालना पड़ा.
गिरफ्तारी के एक दिन बाद, 2 अक्टूबर को दीपक को कोटद्वार के एसडीएम के सामने पेश किया गया. जिसके बाद 50-50 हजार के मुचलके पर दीपक को जमानत दी गई.
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