‘एक घंटे में छोड़ दूंगा पार्टी के सभी पद…’, TMC के बागियों को अभिषेक बनर्जी की खुली चुनौती
अभिषेक बनर्जी
Abhishek Banerjee: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की हार के बाद पार्टी में मची बगावत के बीच राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने पहली बार खुलकर बागी नेताओं को चुनौती दी है. या यूं कहें कि वे पहली बार बगावत करने वालों पर बोले हैं. उन्होंने कहा कि जो नेता पार्टी छोड़कर गए हैं, अगर वे 21 जुलाई (शहीद दिवस) से पहले ममता बनर्जी के नेतृत्व में वापस लौट आते हैं, तो वह एक घंटे के भीतर पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे देंगे.
कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत में अभिषेक ने कहा कि जो लोग आज उन्हें भ्रष्टाचार और चुनावी रणनीति की विफलता का जिम्मेदार बता रहे हैं, वे वापस आकर दिखाएं.
उन्होंने आरोप लगाया कि कई नेताओं ने बीजेपी या बागी खेमे का रुख इसलिए किया ताकि उन्हें ईडी, सीबीआई और दूसरी जांच एजेंसियों से राहत मिल सके. आपको बताएं कि बागी नेताओं ने बगावत की वजह अभिषेक बनर्जी को बताया था. इसके साथ ही आरोप लगाया था कि उनकी वजह से ही पार्टी में इस तरह के हालात बने हैं.
अभिषेक ने क्या-क्या कहा?
अभिषेक ने कहा कि अगर किसी ने कोई गलत काम नहीं किया है तो उसे जांच का सामना करना चाहिए. उन्होंने बताया कि उनके खिलाफ भी कई मामले दर्ज हैं. उन्हें कई बार जांच एजेंसियों ने बुलाया है, लेकिन उन्होंने कभी जांच से बचने की कोशिश नहीं की. उनके मुताबिक, उन्हें किसी एजेंसी की नहीं बल्कि जनता के भरोसे की जरूरत है.
उन्होंने यह भी कहा कि अगर 2024 की जीत का श्रेय उन्हें दिया जाता है, तो पार्टी की कमियों की जिम्मेदारी लेने के लिए भी वे तैयार हैं. उन्होंने बागी नेताओं से अपील की कि वे 21 जुलाई से पहले वापस लौट आएं, पार्टी उन्हें सम्मान के साथ जगह देगी.
बागी नेताओं का भी बयान आया सामने
हालांकि बागी गुट के नेताओं ने अभिषेक के बयान पर सवाल उठाए. उनका कहना है कि उन्होंने पहले भी कई बार ऐसी बातें कही हैं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया. बागी नेताओं का आरोप है कि ममता बनर्जी ने पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं की बजाय अपने भतीजे अभिषेक का साथ चुना, जिसकी वजह से पार्टी में यह स्थिति बनी.
इस बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी अभिषेक का बचाव किया. उन्होंने कहा कि अभिषेक और उनका परिवार भी जांच एजेंसियों के निशाने पर रहा है, लेकिन उन्होंने कभी समझौता नहीं किया. वहीं बीजेपी नेता सुकांत मजूमदार ने अभिषेक की चुनौती को विश्वसनीय नहीं बताया और कहा कि अब फैसला टीएमसी नेताओं को करना है कि वे उनकी बात पर भरोसा करें या नहीं.
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