नितिन नवीन की नई टीम में मोर्चा अध्यक्षों की नियुक्ति के पीछे क्या है रणनीति? समझिए पूरा प्लान
नितिन नबीन की नई टीम
Nitin Nabin New Team: भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा कर दी गई है. राष्ट्रीय कार्यकारिणी में युवाओं और महिलाओं को प्रमुखता दी गई है. इसके साथ ही उन वरिष्ठ नेताओं को भी शामिल किया गया है जो संगठन बढ़ाने में महारत हासिल रखते हैं. चलिए आज बात करते हैं भाजपा की राष्ट्रीय टीम में किन नेताओं को जगह दी गई है. छत्तीसगढ़ को कितना प्रतिनिधित्व मिला है.
राष्ट्रीय अध्यक्ष नीति नवीन की टीम में छत्तीसगढ़ के दो प्रमुख नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है. महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष महासमुंद से सांसद रूप कुमारी चौधरी को बनाया गया है. वहीं भाजपा आईटी सेल का राष्ट्रीय संयोजक दीपक म्हस्के को बनाया गया है. भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में अब तक राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में सरोज पांडे और लता उसेंडी जिम्मेदारी संभाल रही थी, लेकिन नई सूची में इन दोनों नेत्रियों को स्थान नहीं मिल पाया.
छत्तीसगढ़ में लंबे समय तक संगठन महामंत्री की भूमिका निभाने वाले सौदान सिंह को बड़ी जिम्मेदारी मिली है. उन्हें केंद्रीय संगठन में राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री बनाया गया है. इससे पहले भी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की भूमिका में थे. छत्तीसगढ़ से जुड़े दो और नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है. पूर्व प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है. वहीं आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सदस्य रहे संदीप पाठक को राष्ट्रीय मंत्री बनाया गया है. संदीप पाठक लोरमी के रहने वाले हैं. हाल ही में आम आदमी पार्टी को छोड़कर पाठक बीजेपी में शामिल हुए हैं.
किन प्रदेशों से बने मोर्चा अध्यक्ष?
भाजपा ने मोर्चा अध्यक्ष बनने में विशेष रणनीति का ध्यान रखा है. सात मोर्चा के अध्यक्ष उन राज्यों से बनाए गए हैं, जहां बीजेपी सबसे ज्यादा लोकसभा सीट पर जीती है. बीजेपी ने युवा मोर्चा का अध्यक्ष गुजरात, महिला मोर्चा छत्तीसगढ़, ओबीसी मोर्चा उत्तर प्रदेश, किसान मोर्चा मध्य प्रदेश, एससी मोर्चा बिहार, एसटी मोर्चा राजस्थान और अल्पसंख्यक मोर्चा का अध्यक्ष उत्तर प्रदेश से बनाया है.
लोकसभा सीटों के गणित के हिसाब से देखें तो यहां कुल 211 सीट है. इसमें भाजपा 123 सीट पर जीती है. जबकि एनडीए के इन राज्यों में कुल 144 सांसद हैं. 2024 के लोकसभा चुनाव में एनडीए की कुल 292 सीट थी. मतलब साफ है कि जिन 6 राज्यों से बीजेपी ने मोर्चा अध्यक्ष बनाए हैं, वहां से एनडीए की आधी सीट आती है. छह राज्यों के नेताओं को प्रतिनिधित्व देकर भाजपा लोकसभा की अपने खाते की 50% सीट पर दबदबा कायम रखना चाहती है.
उत्तर भारत के नेताओं का बढ़ा प्रभाव
भाजपा के नई कार्यकारिणी में उत्तर भारत के राज्यों के नेताओं को प्रभावी भूमिका मिली है. इससे पहले युवा मोर्चा की कमान कर्नाटक से आने वाले तेजस्वी सूर्या, महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष तमिलनाडु से आने वाली वानती श्रीनिवासन और ओबीसी मोर्चा की कमान तेलंगाना से आने वाले के लक्ष्मण के पास थी. जबकि अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महाराष्ट्र से आने वाले जमाल सिद्दीकी थे.
2027 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव को देखते हुए टीम नितिन नवीन में आठ महत्वपूर्ण पदों पर उत्तर प्रदेश के नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है. इसमें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में रेखा वर्मा और तारिक मंसूर है. समाजवादी पार्टी के पीडीए की काट के रूप में दो मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उत्तर प्रदेश से बनाए गए हैं. इसमें ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उत्तर प्रदेश के अमरपाल मौर्य को और अल्पसंख्यक मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष कुंवर बासित को बनाया गया है.
इन चर्चित नामों को नहीं मिली जगह
टीम नितिन नवीन में अमित मालवीय, अरुण सिंह और संजय मयूख जैसे चर्चित नामों को जगह नहीं मिली है. इसके साथ ही राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडे, डी.के. अरुणा, एम. चुबा आओ, अब्दुल्ला कुट्टी, लक्ष्मीकांत वाजपेयी और लता उसेंडी को जगह नहीं मिली. राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह, दुष्यंत कुमार गौतम, राधा मोहन दास अग्रवाल को भी जगह नहीं मिल पाई.
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पुनः पद पाने वाले / पद बरकरार वाले
- वसुंधरा राजे — राष्ट्रीय उपाध्यक्ष → राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
- सौदान सिंह — संयुक्त महामंत्री (संगठन) → संयुक्त महामंत्री (संगठन)
- बैजयंत जय पांडा — राष्ट्रीय उपाध्यक्ष → राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
- रेखा वर्मा — राष्ट्रीय उपाध्यक्ष → राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
- प्रो. तारिक मंसूर — राष्ट्रीय उपाध्यक्ष → राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
- बी.एल. संतोष — राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) → राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन)
- शिव प्रकाश — संयुक्त महामंत्री (संगठन) → संयुक्त महामंत्री (संगठन)
- विनोद तावडे — राष्ट्रीय महामंत्री → राष्ट्रीय महामंत्री
- सुनील बंसल — राष्ट्रीय महामंत्री → राष्ट्रीय महामंत्री
- तरुण चुग — राष्ट्रीय महामंत्री → केंद्रीय कार्यालय प्रभारी
- ऋतुराज सिन्हा — राष्ट्रीय सचिव → सभी प्रकोष्ठों के संयुक्त समन्वयक
- अनिल एंटनी — राष्ट्रीय सचिव → राष्ट्रीय सचिव
- लाल सिंह आर्य — अनुसूचित जाति मोर्चा अध्यक्ष → राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
- अनिल बलूनी — मुख्य प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी → मीडिया संयोजक