40 से कम उम्र के नेताओं में राजनीतिक परिवारों का दबदबा! क्या है संसद-विधानसभाओं में युवाओं की तस्वीर
राजनीति में आएंगे युवा?
Political Families Dominate Youth: देश में इन जेन-जी चर्चा में हैं. आंदोलन के बाद से ही एक सवाल उठ रहा है कि क्या आने वाले समय में जेन-जी राजनीति में भी एक्टिव नजर आएंगे, तो इसका मिला जुला जवाब मिला. फिर नजर डाली मौजूदा संसद और विधानसभाओं की तस्वीर पर जहां 40 से कम उम्र नेता तो मौजूद हैं. लेकिन, वे नेता राजनीतिक परिवारों से ही हैं. मतलब उन्हें राजनीति विरासत में मिली है.
एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, संसद और देश की अलग-अलग विधानसभाओं में 40 साल या उससे कम उम्र के कुल 384 जनप्रतिनिधि हैं. इनमें 145 नेताओं का राजनीतिक पारिवारिक पृष्ठभूमि से संबंध बताया गया है। यानी करीब 38 प्रतिशत युवा जनप्रतिनिधियों को राजनीति में पारिवारिक विरासत का लाभ मिला है।
Gen Z के प्रतिनिधि बेहद कम
Gen Z नेताओं की संख्या और भी सीमित है. संसद और विधानसभाओं में इस पीढ़ी के सिर्फ 26 निर्वाचित प्रतिनिधि हैं. इनमें आधे यानी 13 नेता राजनीतिक परिवारों से जुड़े हुए हैं. लोकसभा में मौजूद छह Gen Z सांसदों में से पांच का संबंध राजनीतिक परिवारों से है, जबकि राज्य विधानसभाओं में 20 Gen Z विधायकों में आठ ऐसे हैं जिनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि राजनीति से जुड़ी है. कुल मिलाकर कहा जाए तो हर जगह राजनीतिक परिवारों का ही दबदबा देखने को मिल रहा है.
हालांकि, इसका एक बड़ा कारण चुनाव लड़ने की न्यूनतम उम्र भी है. लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए कम से कम 25 वर्ष की उम्र जरूरी है, इसलिए Gen Z की बड़ी आबादी अभी चुनावी मैदान में उतरने के योग्य ही नहीं है.
लोकसभा में युवा सांसदों की स्थिति
लोकसभा में 40 साल या उससे कम उम्र के 40 सांसद हैं. इनमें बड़ी संख्या ऐसे सांसदों की है, जिनके परिवार के सदस्य पहले से राजनीति में एक्टिव रहे हैं.
40 साल या उससे कम उम्र के महिला सांसदों की संख्या 11 है और इनमें भी कई नेताओं का संबंध राजनीतिक परिवारों से है.
राज्यों की विधानसभाओं में भी दिखता है यही ट्रेंड
देश की 31 विधानसभाओं में 40 साल या उससे कम उम्र के 344 विधायक हैं. इनमें 121 विधायक राजनीतिक परिवारों से आते हैं. यानी लगभग 35 प्रतिशत युवा विधायकों की राजनीतिक पृष्ठभूमि पारिवारिक रही है.
मध्य प्रदेश में भी कम उम्र के कुछ प्रमुख विधायकों का संबंध राजनीतिक परिवारों से रहा है. उदाहरण के तौर पर कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बेटे हैं. लंबे समय से सक्रिय राजनीति में हैं.
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