ई-रिक्शा चलाने वाला 16 साल का लड़का कैसे बन गया अजय पार बाबा? सोशल मीडिया पर हो रही बाबा बागेश्वर से तुलना
अजय पार बाबा उर्फ करण कुशवाहा.
Ajay Paar Baba: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में एक 16 साल के लड़के की खूब चर्चा हो रही है. कभी ई-रिक्शा चलाने वाले इस लड़के करण कुशवाहा को लोग इस समय अजय पार बाबा के नाम से पहचान रहे हैं. अजय पार बाबा दरबार लगाते हैं और लोगों की लकवा और कैंसर जैसी बीमारियों को ठीक करने का दावा कर रहे हैं. इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर लोग करण कुशवाहा की तुलना बाबा बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री से भी कर रहे हैं. लेकिन सवाल ये है कि कभी ई-रिक्शा चलाने और नारियल बेचने वाला यह किशोर अचानक चर्चा का विषय कैसे बन गया?
इतनी भीड़ पहुंची कि दरबार पर रोक लगानी पड़ी
पूरा मालमा छरपुर के केड़ी गांव का है. यहां अजय पार बाबा उर्फ करण कुशवाहा लोगों की बीमारी दूर करने के लिए दरबार लगाते हैं. बाबा के दरबारों में हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ पहुंचती है. अजय पार बाबा का दावा है कि वह कैंसर जैसी बीमारियों का भी इलाज कर देते हैं. अजय पार बाबा ने ये भी दावा किया कि दिल्ली से आए एक फरियादी की उन्होंने तीन दिनों में ही कैंसर की बीमारी को ठीक कर दिया.
बाबा के दरबार में एक दिन इतनी ज्यादा भीड़ पहुंच गई, कि उन्हें अपने दरबार को बंद करना पड़ा. इसके बाद अजय पार बाबा ने बताया कि उन्होंने एसपी से सुरक्षा मांगी थी, लेकिन मदद नहीं की गई. इसके कारण उन्होंने अभी दरबार लगाना बंद कर दिया है.
क्यों हो रही है बाबा बागेश्वर से तुलना?
छतरपुर के केड़ी गांव के करण कुशवाहा की तुलना बाबा बागेश्वरधाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री से हो रही है. छतरपुर के गढ़ा में ही बागेश्वर धाम है. लोग करण कुशवाहा की शैली को धीरेंद्र शास्त्री की तरह की मान रहे हैं. करण कुशवहाा बिना पर्ची देखे ही लोगों की बीमारी ठीक करने का दावा करते हैं.
ई-रिक्शा चलाने और नारियल बेचने का करते थे काम
केड़ी गांव में अजय पार बाबा का समाधि स्थल है. जिसके कारण करण कुशवाहा की पहचान अजय पार बाबा की हो गई है. यहीं पर 9वीं पास करण कुशवाहा नारियल भी बेचते थे. इसके अलावा करण ने कुछ दिन ई-रिक्शा भी चलाया है. लेकिन अब करण कहते हैं कि उन्हें 10वीं की परीक्षा देनी है. करण कुशवाहा का कहना है कि वो आगे ऐसे ही दरबार लगाकर लोगों की सेवा करना चाहते हैं.
हालांकि सोशल मीडिया पर कुछ लोग अजय पार बाबा की आलोचना भी कर रहे हैं. लोगों ने तंज कसते हुए कहा कि बाबा बनने का फैशन हो गया है और इसमें कमाई भी अच्छी है.
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