MP News: खंडवा में आवारा कुत्तों के हमले में 6 साल का मासूम गंभीर घायल, इंदौर में करनी पड़ी प्लास्टिक सर्जरी
खंडवा मे आवारा कुत्तों को आतंक
MP News: खंडवा जिले के छैगांव माखन ब्लॉक के सुरगांव जोशी गांव में आवारा कुत्तों के हमले से एक छह वर्षीय बच्चे के गंभीर रूप से घायल होने का मामला सामने आया है. बच्चे की हालत इतनी नाजुक हो गई कि उसे पहले खंडवा जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने तत्काल इंदौर रेफर कर दिया. इंदौर में बच्चे की प्लास्टिक सर्जरी की गई है और उसका इलाज जारी है. घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और ग्रामीण प्रशासन से आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग कर रहे हैं.
शौच के लिए गया था बच्चा
जानकारी के मुताबिक, अवि पटेल अपने रिश्तेदारों के यहां सुरगांव जोशी गांव आया हुआ था. 14 मई की दोपहर करीब एक बजे वह घर के बाहर शौच के लिए गया था. इसी दौरान वहां घूम रहे 6 से 7 आवारा कुत्तों ने अचानक उस पर हमला कर दिया. कुत्ते बच्चे को घसीटते हुए खेत की तरफ ले गए और बुरी तरह नोच डाला. हमले में बच्चे के शरीर पर कई गहरे जख्म आए हैं. उसके सिर पर गंभीर चोट लगी और सिर की चमड़ी व बाल तक उखड़ गए.
बुजुर्ग ने बचाई जान
बताया जा रहा है कि उसी समय वहां से गुजर रहे एक बुजुर्ग ने बच्चे की चीखें सुनकर साहस दिखाया और शोर मचाकर कुत्तों को भगाया. इसके बाद परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और घायल बच्चे को तुरंत अस्पताल लेकर गए. डॉक्टरों ने हालत गंभीर होने के कारण उसे इंदौर रेफर कर दिया, जहां उसकी प्लास्टिक सर्जरी की गई.
गांव में लंबे समय से दहशत
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में लंबे समय से आवारा कुत्तों का आतंक बना हुआ है. कई बार बच्चों और मवेशियों पर हमले की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करेंगे.
अस्पतालों में इंजेक्शन की कमी
ग्रामीण इलाकों में डॉग बाइट की घटनाएं बढ़ने के बावजूद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में रेबीज और आरआईजी इंजेक्शन की कमी भी बड़ी समस्या बनी हुई है. मरीजों को इलाज के लिए जिला अस्पताल या निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है. आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए महंगा इलाज कराना मुश्किल हो रहा है.
पहले भी हो चुकी हैं कई घटनाएं
जिले में इससे पहले भी आवारा कुत्तों के हमले की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं. अप्रैल 2025 में खानवाली शाह क्षेत्र में अलग-अलग घटनाओं में 10 बच्चों को कुत्तों ने काट लिया था. वहीं नवंबर 2025 में मालेगांव टानी गांव में एक कुत्ते ने 12 लोगों को घायल कर दिया था. ग्रामीणों का कहना है कि कई मामलों की शिकायत तक दर्ज नहीं हो पाती, जिससे समस्या लगातार बढ़ती जा रही है.
ये भी पढे़ं- MP News: डिंडोरी में खुले बोरवेल में फंसा 10 साल का मासूम, ग्रामीणों की सूझबूझ से बची जान