MP News: एमपी के सभी सरकारी रेस्टहाउस का होगा रेनोवेशन, एक जैसा होगा रंग-रूप, नेता और अफसरों के लिए आधुनिक सुविधाओं से होंगे लैस
बिल्डिंग डेवलपमेंट कॉरपोरेशन मध्य प्रदेश
MP News: मध्य प्रदेश के छोटे जिलों में बने सरकारी रेस्टहाउस का अब नक्शा बदलने वाला है. ये रेस्टहाउस न केवल आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे बल्कि बहुमंजिला भी होंगे. पुनर्घनत्वीकरण योजना के तहत बिल्डिंग डेवलपमेंट कॉरपोरेशन यह काम अपने हाथ में लेने वाला है. इसकी शुरुआत सिंगरौली जिले से हो रही है.
अधिकांश जिलों में सरकारी रेस्टहाउसों की हालत खराब
प्रदेश के महानगरों को छोड़ दें तो अधिकांश जिलों में सरकारी रेस्टहाउसों की हालत काफी दयनीय है. कहीं छतों से पानी टपकता है तो कहीं टूटे हुए दरवाजे हैं. कहीं बाथरूम में गर्म पानी की व्यवस्था नहीं है तो कहीं स्वच्छ पेयजल का इंतजाम नहीं है. इन सरकारी रेस्टहाउसों के आसपास जमीन तो काफी है लेकिन अधिकांश सिंगलैक्स बने हैं और इनमें भी कमरों का अभाव है. किसी दिन जिलों में ज्यादा वीआईपी मूवमेंट हो तो पर्याप्त संख्या में ठहरने का इंतजाम ही नहीं हो पाता.
कॉरपोरेशन ने बनाया सरकारी रेस्टहाउस कायाकल्प का प्रस्ताव
इन सभी समस्याओं से निजात दिलाने और रेस्टहाउस को आधुनिक बनाने के लिए बिल्डिंग डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ने प्रदेशभर के सभी सरकारी रेस्टहाउस का कायाकल्प करने का प्रस्ताव बनाया है. अब बिल्डिंग डेवलपमेंट कॉरपोरेशन इन सरकारी विश्रामगृहों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करते हुए इनका पुनर्निर्माण करने की तैयारी में है. भवन पुनर्घनत्वीकरण योजना (री-डेंसिफिकेशन) के तहत इस कार्य को अंजाम दिया जाएगा. पहले चरण में सिंगरौली से इसकी शुरुआत की जा रही है.
बिल्डिंग डेवलपमेंट कॉरपोरेशन करेगा काम
पुनर्घनत्वीकरण योजना के तहत जिलों में बहुमंजिला रेस्टहाउस तैयार किए जाएंगे. निजी होटलों की तर्ज पर अटैच लेट-बाथ, गर्म और ठंडे पानी, शावर सहित लक्जरी होटलों जैसी सुविधाएं यहां उपलब्ध होंगी. बिल्डिंग डेवलपमेंट कॉरपोरेशन सभी जिलों में एक जैसे आकार और रंग-रूप में इन्हें तैयार करने की योजना पर काम कर रहा है. जैसे-जैसे बिल्डिंग डेवलपमेंट कॉरपोरेशन को जिलों में रेस्टहाउस के कायाकल्प का काम मिलेगा, चरणबद्ध तरीके से पूरे प्रदेश के रेस्टहाउस अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हो जाएंगे. पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था और लैंडस्केपिंग भी यहां की जाएगी ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो.