MP News: एमपी में डायल-112 की ऑडिट रिपोर्ट, 31 लाख से ज्यादा कॉल पर स्पीडी एक्शन, 3800 की बचाई जान बचाई, 1500 बदमाश पकड़े गए
डायल-112
MP News: मध्य प्रदेश में डायल-112 आपात सेवा को वर्ष 2025 में मिली सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने करीब डेढ़ हजार बदमाशों को पकड़ने में सफलता हासिल की है. इस संबंध में डायल-112 पर कई गोपनीय सूचनाएं प्राप्त हुईं, जिनके आधार पर स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई की. सूचना देने वाले सभी लोगों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी गई है.
डायल-112 पर पूरे साल में आए 31 लाख से ज्यादा कॉल
पूरे वर्ष के दौरान डायल-112 पर 31 लाख से अधिक कॉल आए, जिन पर त्वरित एक्शन लिया गया. इस दौरान पुलिस ने 50 लोगों को बंधक स्थिति से सुरक्षित बाहर निकाला. वहीं आत्महत्या से संबंधित 5200 कॉल दर्ज की गईं, जिन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 3800 लोगों की जान बचाई गई.
गौरतलब है कि इसी वर्ष डायल-112 अपने नए स्वरूप में लागू किया गया है. कुल 31 लाख से अधिक कॉल में से 50 ऐसे मामले सामने आए, जहां कॉल करने वाले बंधक स्थिति में थे या अत्यंत हाई रिस्क हालात में फंसे हुए थे. इन सभी मामलों में पुलिस ने स्वाट टीम, वार्ता दल और रियल-टाइम इंटेलिजेंस की मदद से परिस्थितियों को सफलतापूर्वक निष्प्रभावी किया.
डायल-112 के माध्यम से किए गए कार्य
डायल-112 के माध्यम से 6500 रोडरेज की घटनाओं, 10 हजार ट्रैफिक और सड़क दुर्घटनाओं, 800 दंगा-उपद्रव और 900 गैस रिसाव की घटनाओं पर कार्रवाई की गई. मानव तस्करी के मामलों में 1 हजार पीड़ितों को रेस्क्यू कर उनके पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की गई. इसके साथ ही 5 हजार सार्वजनिक सुरक्षा अलर्ट भी जारी किए गए.
लापता लोगों को उनके परिजनों से मिलवाया
तेज रिस्पॉन्स के तहत 4200 लापता व्यक्तियों को तलाश कर उनके परिजनों से मिलवाया गया. इसके अलावा 2800 लापता या मृत व्यक्तियों की पहचान फोरेंसिक सहायता, डाटाबेस और परिजनों से समन्वय के माध्यम से कराई गई. यौन उत्पीड़न के 2200 मामलों में पीड़ितों को चिकित्सा और कानूनी सहायता उपलब्ध कराई गई.
बाल दुर्व्यवहार के 3500 मामलों में बच्चों को तत्काल संरक्षण, रेस्क्यू और काउंसलिंग सेवाएं दी गईं, जबकि स्टॉकिंग और उत्पीड़न के 4000 मामलों में आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की गई.
ये भी पढे़ं- जबलपुर में बंगाली क्लब की स्थापना के 100 साल पूरे, विशेष आयोजन किया गया, ‘टाइम कैप्सूल’ को स्थापित किया गया