गौमांस कांड के आरोपी डॉक्टर बीपी गौर पर मेहरबानी! सस्पेंशन की तारीख पर ही दूसरी जगह मिली पोस्टिंग

Bhopal Slaughterhouse Case: गौमांस की रिपोर्ट आने के बाद नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने 12 जनवरी को संभागायुक्त को पत्र लिखा था. इसमें बताया था कि पशुपालन एवं डेयरी विभाग के आदेश से पशु चिकित्सक सहायक शल्यज्ञ डॉ बेनी प्रसाद गौर को स्लॉटर हाउस का प्रभारी पदस्थ किया गया था.
Bhopal slaughterhouse case doctor BP Gaur received posting to another location same day of suspension

भोपाल स्लॉटर हाउस

Bhopal Slaughterhouse Case: राजधानी में गौमांस मिलने जैसे संवेदनशील मामले में शुरूआती तौर पर दोषी पाए गए अफसर भी बच कर निकल गए हैं. जिस दिन स्लॉटर हाउस के प्रभारी वेटरनरी डॉक्टर बेनी प्रसाद गौर को संभागायुक्त ने सस्पेंड किया था, उसी तारीख को वह नगर निगम से रिलीव होकर पशुपालन एवं डेयरी संचालनालय पहुंच गए. पशुपालन के संचालक डॉ पीएस पटेल ने भी बिना देरी किए डॉ गौर की पोस्टिंग उसी दिन हथाईखेड़ा स्थित कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र में भी कर दी जबकि उनको निलंबित किया जा चुका था.

उनसे कोई काम नहीं लिया जा सकता था, गौर के स्थान पर राज्य पशु चिकित्सालय के डॉ पंकज कपूर की स्लॉटर हाउस में पदस्थापना कर दी गई. गौर और कपूर के ऑर्डर एक साथ निकाले गए. डॉ कपूर ने जॉइन भी कर लिया है. स्लॉटर हाउस के वाहन में पिछले साल दिसंबर में बजरंग दल ने गौमांस होने का आरोप लगाया था. मौके पर पहुंची पुलिस ने मांस के कुछ सैंपल लेकर मथुरा जांच के लिए भेज दिए थे. इसकी रिपोर्ट में गौमांस की पुष्टि हुई थी.

वेटरनरी डॉक्टर ने ढंग से नहीं की ड्यूटी

गौमांस की रिपोर्ट आने के बाद नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने 12 जनवरी को संभागायुक्त को पत्र लिखा था. इसमें बताया था कि पशुपालन एवं डेयरी विभाग के आदेश से पशु चिकित्सक सहायक शल्यज्ञ डॉ बेनी प्रसाद गौर को स्लॉटर हाउस का प्रभारी पदस्थ किया गया था. उन्हें स्लॉटर हाउस के प्रबंधन, पर्यवेक्षण और समन्वय का काम भी सौंपा गया था. पत्र में आगे लिखा था कि गौमांस के संदिग्ध परिवहन को लेकर जहांगीराबाद थाना में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई है. ससे शुरूआती तौर पर ऐसा लगता है कि डॉ गौर ने अपने पदीय दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन नहीं किया.

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डॉक्टर गौर के खिलाफ बन रहा आरोप पत्र

  • संभागायुक्त ने निलंबन आदेश की कॉपी निगम कमिश्नर को भेजते हुए इसे तामील कराने और तीन दिन में इसकी रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए था.
  • इसके साथ ही डॉक्टर गौर के खिलाफ आरोप पत्र, आधार पत्र भी जल्द बना कर भेजने के लिए कहा था.
  • निगम प्रशासन अभी डॉ गौर पर आरोप तय कर रहा है. यह शीघ्र तैयार होने की बात अधिकारी कह रहे हैं.

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