भोपाल स्लॉटर हाउस मामला, खुले में काटी जा रहीं भैंस, प्रशासन को घेरते हुए पटवारी बोले- केवल छोटे अधिकारियों पर कार्रवाई हुई
भोपाल स्लॉटर हाउस मामले में जीतू पटवारी ने साधा निशाना
MP News: भोपाल में गौ मांस का मामला तूल पकड़ता दिखाई दे रहा है. जिस प्रकार से गौ मांस ट्रक में मिला. उसके बाद प्रशासन ने तो कार्रवाई की है. मगर अभी भी खुले में भैंसों का वध किया जा रहा है. इसके साथ ही कई सवाल सुभाष नगर स्लाटर हाउस पर खड़े हो रहे हैं.
इस पूरे मामले में असलम की क्या भूमिका है?
भोपाल में पीपीटी मॉडल पर सुभाष नगर स्लाटर हाउस को नगर निगम ने निजी हाथों दिया है. सुभाष नगर स्लाटर हाउस के दस्तावेजों ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. सामने आया कि कैमरे हों या डॉक्टर स्लाटर हाउस में पूरी तरह नियंत्रण संचालक असलम के हाथ में था. निगम ने आंखें मूद रखी थीं. जो 26 टन गौ मांस पकड़ा था, परिवहन दस्तावेज के हिसाब से यह 85 भैसों का बताया गया है, जो जानकारी से मैच नहीं खाती है. कई सवाल अभी भी खड़े हो रहे हैं क्योंकि MIC की सहमति से मंजूरी मिली.
मगर सीसीटीवी कंट्रोल असलम के पास था, जबकि नियम कहते हैं कि पुलिस कंट्रोल रूम या नगर निगम के पास स्लॉटर हाउस के सीसीटीवी कैमरे का कंट्रोल होना चाहिए. जब विस्तार न्यूज़ की टीम ग्राउंड जीरो पर पहुंची तो देखा कि स्लॉटर हाउस में ताला लगा है. मगर स्लाटर हाउस के सामने सरकारी जमीन पर कब्जा कर अभी भी भैंसों को बेचने के साथ उसका वही वध किया जा रहा है, जबकि नियम कहते हैं कि खुले में भैंसों का वध करना कानूनी अपराध है.
कई अधिकारियों पर अब तक कार्रवाई नहीं
हालांकि संचालक असलम चमड़ा के ऊपर कई सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि जिस प्रकार से गाड़ी के इस्तेमाल किया जाता था, वह पूरी तरह नगर निगम की तरह पीले कलर की दिखाई दे रही है. उसे पर नगर निगम लिखा था, जबकि वह गाड़ी निजी वाहन है. इसी वहां से मरे हुए जानवरों को ले जाया जाता है हालांकि स्लॉटर हाउस पर कार्रवाई की गई है.
मगर अभी भी स्लाटर हाउस के सामने लोगों का कब्जा देखने को मिल रहा है और खुलेआम भैंसों का वध किया जा रहा है. जिसको लेकर कांग्रेस पार्षद अमित शर्मा का कहना है कि कार्रवाई में बड़ी लापरवाही की गई है. छोटे अधिकारियों पर कार्रवाई की गई जबकि बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई अभी तक नहीं की गई. इस पूरे मामले पर नगर निगम की महापौर और एमआईसी मेंबर जवाबदारी है.
SIT का गठन किया गया है- पुलिस कमिश्नर
भोपाल पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्र ने कहा कि पूरे मामले पर सरकार सख्त है. मगर अभी भी मामले में सही रूप से कार्रवाई नहीं हुई. जिसके चलते SIT का गठन किया गया है. जिसमें एसीपी रैंक के अधिकारी पूरे मामले की जांच करेंगे.
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विपक्ष का प्रहार, सत्ता पक्ष का बचाव
- गौ मांस मामले में कांग्रेस फ्रंट फुट पर आकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है.
- कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का कहना है कि छोटे अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है जबकि बड़े अधिकारी अभी बचे हुए हैं.
- मामले में कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग का कहना है कि सरकार पूरी तरह सख्त है. जिसके चलते एक बड़ी कार्यवाही देखने को मिली है. प्रदेश जो गौ मांस बचेगा उसे पर सरकार सख्त कार्रवाई करेंगी.