Bhopal News: किसान की 10.31 एकड़ जमीन कौड़ियों में कर दी नीलाम… अब अधिकारियों को 3 साल खानी होगी जेल की रोटी

Bhopal Farmer Land Auction Verdict: अभियोजन के अनुसार, नीलामी प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं किया गया और भूमि को बाजार मूल्य तथा कलेक्टर द्वारा निर्धारित मूल्य से काफी कम कीमत पर बेचा गया. नीलामी से संबंधित नोटशीट में कूटरचित दस्तावेज तैयार कर उसे पुष्टि के लिए भेजा गया, जहां अवैधानिक रूप से नीलामी की पुष्टि कर दी गई.
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किसान की जमीन को कर दी नीलाम

Illegal Land Sale Verdict: पद का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी करने के मामले में विशेष न्यायालय ने जिला सहकारी व ग्रामीण विकास बैंक से जुड़े दो अधिकारियों को दोषी ठहराते हुए तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के न्यायाधीश मनोज कुमार सिंह ने विक्रय अधिकारी विजेन्द्र कुमार कौशल और अशोक मिश्रा, तत्कालीन उप पंजीयक सहकारिता को अलग-अलग धाराओं में दोषी पाया.

विशेष लोक अभियोजक हेमलता कुशवाह के मुताबिक, न्यायालय ने दोनों आरोपियों को धारा 420 सहपठित धारा 120-बी भादवि के तहत तीन-तीन वर्ष का सश्रम कारावास और एक-एक हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया.

कौड़ियों में बेची किसान की 10 एकड़ जमीन

वहीं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13-1 (डी) सहपठित धारा 13 (2) के तहत भी प्रत्येक आरोपी को तीन-तीन वर्ष का सश्रम कारावास और एक-एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई. प्रकरण के अनुसार ग्राम चंदेरी छावनी, तहसील हुजूर निवासी किसान रिफाकत बी ने वर्ष 1974 में अपनी कृषि भूमि बंधक रखकर पंप और कुआं के लिए 8,775 रुपये का ऋण लिया था. आरोप है कि आरोपितों ने मिलीभगत कर किसान की 10.31 एकड़ भूमि को 5 नवंबर 2004 को महज एक लाख तीन हजार रुपये में सौरभ मेटल प्राइवेट लिमिटेड को नीलाम कर दिया.

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लोकायुक्त जांच में धोखाधड़ी साबित

अभियोजन के अनुसार, नीलामी प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं किया गया और भूमि को बाजार मूल्य तथा कलेक्टर द्वारा निर्धारित मूल्य से काफी कम कीमत पर बेचा गया. नीलामी से संबंधित नोटशीट में कूटरचित दस्तावेज तैयार कर उसे पुष्टि के लिए भेजा गया, जहां अवैधानिक रूप से नीलामी की पुष्टि कर दी गई. शिकायत के बाद लोकायुक्त पुलिस ने जांच कर प्रकरण दर्ज किया. विवेचना के बाद न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किया गया. अभियोजन साक्ष्य और दस्तावेजों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया.

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