MP में ई-अटेंडेंस पर शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला, संकुल प्राचार्यों को मिलेगा राहत देने का अधिकार, जल्द जारी होगा नया सर्कुलर
सांकेतिक तस्वीर
MP News: मध्य प्रदेश में शिक्षकों के ई-अटेंडेंस को लेकर लगातार चल रहे विरोध के बीच स्कूल शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लिया है. शिक्षा विभाागकी बैठक के बाद शिक्षा विभाग ने इसका पॉवर डेलिगेट करने की तैयारी कर ली है. अब ई-अटेंडेस पर संकुल प्राचार्यों को राहत देने का अधिकार मिलेगा. प्राचार्य अपने विद्यालय क्षेत्र में आने वाले शिक्षकों को ई-अटेंडेंस लगाने के मामले में देरी और उचित कारण के बाद राहत दे सकेंगे.
जल्द जारी होगा शिक्षकों के लिए आदेश
जल्दी ही विभाग शिक्षकों के लिए आदेश जारी करने वाला है. लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने कहा कि शिक्षकों को ई-अटेंडेंस व्यवस्था अब सामान्य स्थिति में आ गई है. फिलहाल ई-अटेंडेंस प्रदेश में 96 से 97 फीसदी तक लगाई जा रही है. अब उचित कारण के साथ संकुल प्राचार्यों को इससे संबंधित पॉवर दिए जाएंगे. जल्दी ही विभाग इसको लेकर अगले 15 दिनों में सर्कुलर जारी करने की योजना बना रहा है.
संकुल प्राचार्यों के लिए जारी किए जाने वाले इस आदेश में बताया जाएगा की किस प्रकार से किसी भी तरह के ई-अटेंडेंस लगाने में देरी वाले मामलों में व्यवहारिक दृष्टिकोण अपनाते हुए संकुल प्राचार्य अपने संकुल क्षेत्र के शिक्षकों को राहत दे सकेंगे. विभाग के इस निर्देश में यह भी साफ बताया जाएगा कि संकुल प्राचार्य मनमानी न सकें और ई-अटेंडेंस में किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं हो पाए.
दुरुपयोग करने पर होगा एक्शन
आयुक्त अभिषेक सिंह ने कहा कि विभाग का उद्देश्य किसी भी प्रकार से शिक्षकों को पीनलाइज या प्रताड़ित करना नहीं है. विभाग के नियमों से एक व्यवस्थित सिस्टम बनाना और प्रभावी ढ़ंग से उसे लागू करने के साथ शिक्षकों को इसका पालन करने पर जोर दिया जाना है.
सिंह ने आगे कहा कि व्यवहारिक दिक्कतों को ई-अटेंडेंस में स्वीकार किया जाएगा, लेकिन इसकी आदत बना लेना और ई-अटेंडेंस नहीं लगाने के साथ इसका दुरुपयोग करने की कोशिश करने पर एक्शन लिया जाएगा.
आयुक्ता ने कहा कि जून माह का जिन शिक्षकों का ई-अटेंडेंस के कारण वेतन रुक था या फिर काटा गया था उसे शिक्षकों को पे किया जाएगा. उन्होंने आगे कहा कि यह नियम उन मामलों में लागू होगा जिनका जुलाई और अगस्त का ई-अटेंडेंस प्रॉपर लग रहा है फिर भी वेतन कट गया हो. वहीं आदतन देर से आने वाले और ई-अटेंडेंस नहीं लगाने वाले शिक्षकों के खिलाफ वेतन कटौती जारी रहेगी.
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