मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने पर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन, आज चुनाव आयोग के अधिकारियों से करेंगे मुलाकात
मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने पर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
MP Rajya Sabha Election: मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीसरी सीट से कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज कर दिया गया है. भोपाल से लेकर दिल्ली तक कांग्रेस नेता धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं. नामांकन निरस्त होने को लेकर आज सुबह 11 बजे कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल और विधायक चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे और कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन के नामांकन निरस्त होने की शिकायत करेंगे.
नामांकन खारिज होने पर कांग्रेस पार्टी आज पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन करेगी. वहीं भोपाल में कांग्रेस उपवास रखकर प्रदर्शन करेगी.
बीजेपी की आपत्तियों के बाद नामांकन रद्द
मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कने का फैसला रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा ने बीजेपी की ओर से उठाई गई आपत्तियों के बाद लिया. इस फैसले के विरोध में कांग्रेस ने चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाने का निर्णय किया. पार्टी के वरिष्ठ नेता आज निर्वाचन आयोग पहुंचकर अपना पक्ष रखेंगे.
निर्वाचन कार्यालय के बाहर धरना और भजन-कीर्तन
भोपाल में निर्वाचन कार्यालय के बाहर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने धरना शुरू कर दिया. विरोध जताने के लिए उन्होंने भजन-कीर्तन भी किया. कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि उनकी प्रत्याशी का नामांकन नियमों के विपरीत रद्द किया गया है. उनका कहना है कि सत्तारूढ़ दल और चुनावी अधिकारियों की मिलीभगत से लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित किया गया है. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी शिकायत पर सुनवाई नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा.
दिल्ली तक पहुंचा विरोध प्रदर्शन
इस मामले की गूंज दिल्ली तक भी पहुंची. नामांकन रद्द होने की घोषणा के बाद कांग्रेस के कई बड़े नेता चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे. पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल, सचिन पायलट, जयराम रमेश और भूपेश बघेल समेत कई नेताओं ने फैसले पर सवाल उठाए. कांग्रेस का कहना है कि यह निर्णय संविधान और लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है.
नामांकन रद्द करने पर कांग्रेस के सवाल
पार्टी नेताओं का दावा है कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं है और केवल एक नोटिस के आधार पर उनका नामांकन रद्द कर दिया गया. कांग्रेस का यह भी कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय के कई फैसलों में स्पष्ट किया गया है कि मामूली तकनीकी या गैर-गंभीर मामलों में उम्मीदवारों के नामांकन खारिज नहीं किए जाने चाहिए.