‘देश इलेक्टोरल ऑटोक्रेसी की तरफ जा रहा…’, दिल्ली में MP कांग्रेस का प्रदर्शन, राष्ट्रपति से मिलने का नहीं मिला समय
दिल्ली कांग्रेस कार्यालय से प्रेस कॉन्फ्रेंस
MP Rajya Sabha Election: मध्य प्रदेश कांग्रेस की राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने का मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है. आज इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई रखी गई है. साथ ही कांग्रेस पार्टी के सभी विधायक दिल्ली में राष्ट्रपति से मिलने पहुंचे हैं. हालांकि राष्ट्रपति से मिलने का समय उन्हें नहीं मिला, जिसके बाद कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेताओं और विधायकों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अपनी बात मीडिया के सामने रखी.
देश में पहली बार हुई ऐसी घटना- जीतू पटवारी
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि भारतीय राजनीति में यह पहली ऐसी घटना है, जिसमें राज्यसभा का नामांकन निरस्त किया गया है. यह पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है. उन्होंने कहा कि सवाल यह है कि इस देश में लोकतंत्र बचेगा या देश तानाशाही की ओर बढ़ रहा है. उनके अनुसार यह एक गंभीर और चिंताजनक घटना है.
भाजपा पर लगाया नैरेटिव सेट करने का आरोप
पटवारी ने कहा कि कांग्रेस को 58 विधायकों के समर्थन की जरूरत थी और दूसरी पार्टी के विधायक भी उनके साथ थे. उन्होंने आरोप लगाया कि इसे देखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भयभीत हो गए और भाजपा ने एक नैरेटिव तैयार करके ऐसा काम कर दिया, जैसी घटनाएं गांव के सरपंच चुनावों में देखने को मिलती हैं. उन्होंने कहा कि राज्यसभा जैसे उच्च सदन के चुनाव में नामांकन निरस्त किया जाना बेहद गंभीर विषय है.
उमंग सिंघार ने लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर उठाए सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि एक कॉमेडियन कुनाल कामरा पर केस दर्ज किया गया. देश की पूरी सिविल सोसाइटी, पत्रकारों, प्रोफेसरों, बुद्धिजीवियों और वकीलों को इस विषय पर चिंतन और मनन करना होगा. उन्होंने कहा कि इसकी शुरुआत मध्य प्रदेश से हुई है. सिंघार के अनुसार रिटर्निंग ऑफिसर स्वयं मानता है कि उससे गलती हुई, लेकिन उसने यह भी कहा कि उसे नौकरी करनी है.
चुनाव आयोग पर कोर्ट को गुमराह करने का आरोप
उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि उन्हें कोई नोटिस नहीं मिला. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग कोर्ट को गुमराह कर रहा है. सिंघार ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी उम्मीदवार को केवल नोटिस मिलने के आधार पर उसका चुनाव रद्द किया जा सकता है, तो यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए गंभीर चिंता का विषय है.
यह केवल कांग्रेस की नहीं, सभी नागरिकों के अधिकारों की लड़ाई- सिंघार
सिंघार ने कहा कि आयोग की मनमानी चल रही है और भविष्य में किसी भी विधायक का नामांकन निरस्त किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि नियमों के खिलाफ निर्णय लिया गया है. यह केवल कांग्रेस की लड़ाई नहीं है, बल्कि हर व्यक्ति के अधिकारों की लड़ाई है. इसलिए सभी लोगों को इसके खिलाफ आगे आना चाहिए और समर्थन करना चाहिए.
राष्ट्रपति से मुलाकात का समय नहीं मिलने पर जताई नाराजगी
उमंग सिंघार ने आगे कहा कि कांग्रेस ने राष्ट्रपति से मिलने के लिए समय मांगा था. उन्हें कल शाम तक बताया गया था कि समय दिया जाएगा, लेकिन आज सुबह 10 बजे राष्ट्रपति कार्यालय से ईमेल आया कि राष्ट्रपति के पास समय नहीं है और मुलाकात संभव नहीं हो सकेगी. सिंघार ने कहा कि एक राज्य के 61 विधायक राष्ट्रपति से मिलने दिल्ली पहुंचे हैं और उन्हें समय नहीं मिला. उन्होंने इसे गंभीर विषय बताते हुए कहा कि इससे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं.
आने वाले सभी चुनावों से जुड़ा है यह मामला
सिंघार ने कहा कि यह मामला केवल एक नामांकन तक सीमित नहीं है. आने वाले समय में चुनाव लड़ने वाले हर व्यक्ति से यह मुद्दा जुड़ा हुआ है. इसलिए सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों को इस विषय पर एकजुट होकर सहयोग करना चाहिए.