एग्जाम से पहले RGPV यून‍िवर्स‍िटी से क्‍वेश्‍चन पेपर चोरी! 200 छात्रों की परीक्षा टली, कांग्रेस ने सरकार को घेरा

RGPV exam, paper theft: भोपाल की RGPV से बीटेक चौथे सेमेस्टर के 9 सीलबंद प्रश्नपत्र चोरी होने के बाद 200 छात्रों की परीक्षा ऐन वक्त पर टालनी पड़ी. पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
पेपर चोरी से हडकंप

पेपर चोरी से हडकंप

RGPV exam paper theft: मध्‍य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) में बीटेक चौथे सेमेस्टर के क्‍वेश्‍चन पेपर चोरी होने का मामला सामने आया है. विश्वविद्यालय से सीलबंद लिफाफों में रखे गए नौ क्‍वेश्‍चन पेपर गायब हो गए, जिसके चलते शुक्रवार सुबह 11 बजे होने वाली करीब 200 विद्यार्थियों की परीक्षा अंतिम समय में स्थगित करनी पड़ी. घटना ने विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.

मामले की जानकारी मिलते ही विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आ गया. कुलगुरु डॉ. आलोक शर्मा ने यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट (UTD) की परीक्षा नियंत्रक डॉ. अर्चना तिवारी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पांच दिन के भीतर जवाब मांगा है. इसके साथ ही पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट भी तलब की गई है.

पुल‍िस ने दर्ज किया मामला

दूसरी ओर, पेपर चोरी की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि सीलबंद प्रश्नपत्र किस तरह गायब हुए, इसमें किसी अंदरूनी व्यक्ति की भूमिका है या नहीं और चोरी के पीछे क्या उद्देश्य था. विश्वविद्यालय प्रशासन भी अपने स्तर पर पूरे मामले की पड़ताल कर रहा है.

200 छात्रों की परीक्षा टली

घटना के कारण परीक्षा देने पहुंचे करीब 200 छात्रों को बिना परीक्षा दिए लौटना पड़ा है. अचानक परीक्षा स्थगित होने से विद्यार्थियों और अभिभावकों में नाराजगी देखी गई. छात्रों का कहना है कि प्रशासनिक लापरवाही का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है.

पेपर ऐसे चोरी हुई

पेपर की चोरी यूनिवर्सिटी कैंपस के डिपार्मेंट आफ बायोटेक्नोलॉजी से हुई है. दरअसल इसी डिपार्टमेंट में एक्जाम सेल बना हुआ है, जहां पर सील बंद लिफाफ़े में पेपर रखा गया था. चोरी होने के बाद इस डिपार्टमेंट के गेट को सील कर दिया गया था. इसी डिपार्टमेंट में डॉक्टर अर्चना तिवारी परीक्षा नियंत्रक का दफ्तर है. जब विस्तार न्यूज की टीम चोरी की हकीकत जानने यूनिवर्सिटी कैंपस में पहुंची तो पता चला कि डिपार्मेंट आफ बायोटेक्नोलॉजी से ही पेपर की चोरी हुई है. डिपार्टमेंट के जिस गेट को चोरी होने के बाद सील किया गया था वह गेट खुला मिला. वहां मौजूद चपरासी और गार्ड ने बताया कि बाथरूम का वेंटिलेटर तोड़ चोर पेपर लेकर फरार हो गए. जब हमारे सहयोगी डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी में दाखिल हुए तो पूरा डिपार्टमेंट खाली मिला. परीक्षा नियंत्रक दफ्तर पहुंचीं ही नहीं थीं. हमारे सहयोगी के पहुंचने की सूचना मिलने पर दो असिस्टेंट प्रोफेसर अचानक डिपार्टमेंट पहुंचे, और उन्होंने पियून को बोलकर आनन -फानन में गेट बंद करवाया और अपनी गाड़ी से भाग निकले. चोरी कैसे हुई…यह जानने की कोशिश प्रोफेसर से की तो प्रोफेसर वहां से निकल गए.

कांग्रेस ने सरकार पर साधा न‍िशाना

पेपर चोरी का मामला सामने आते ही प्रदेश की राजनीति भी गर्मा गई. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि अब प्रश्नपत्र तक सुरक्षित नहीं हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

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