RGPV को तीन हिस्सों में बांटा गया, मालवा-महाकौशल के नाम से खुलेंगे विश्वविद्यालय, 3 लाख से ज्यादा छात्रों को मिलेगा फायदा
RGPV विश्वविद्यालय(File Photo)
RGPV Three-Way Split: सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार (1 सितंबर 2026) को कैबिनेट मीटिंग हुई. इसमें राजधानी भोपाल में स्थित राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है. इसे तीन हिस्सों में बांट दिया गया है, यानी यूनिवर्सिटी को तीन अलग-अलग नामों से जाना जाएगा. इससे लाखों छात्रों को फायदा मिलेगा. सरकार का कहना है कि इससे मैनेजमेंट और प्रशासन की कार्यकुशलता बढ़ेगी.
RGPV को किन नामों से जाएगा?
RGPV को अब तीन अलग-अलग नामों से जाना जाएगा. इसके साथ ही इन यूनिवर्सिटियों के नाम भी उन क्षेत्रों के आधार पर रखे गए हैं. भोपाल में विश्वविद्यालय रहेगा. इसके अलावा जबलपुर और उज्जैन में विश्वविद्यालय स्थापित किए जाएंगे.
भोपाल: मध्य भारत प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय के नाम से जाना जाएगा. इसके साथ ही इस यूनिवर्सिटी से पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का नाम हटा दिया गया है. इसके अंतर्गत भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग शामिल किए गए हैं.
जबलपुर: इसे महाकौशल प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय के नाम से जाना जाएगा. जबलपुर और आसपास के क्षेत्र को महाकौशल के नाम से जाना जाता है. रीवा, शहडोल, जबलपुर और सागर इस यूनिवर्सिटी के अंतर्गत आएंगे.
उज्जैन: मालवा प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय यहां स्थापित होगा. इंदौर और उज्जैन संभाग इसके तहत आएंगे. इन दोनों संभाग के कुछ क्षेत्रों को मालवा के नाम से जाना जाता है.
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3 लाख से ज्यादा छात्रों को मिलेगा लाभ
दरअसल, अब तक भोपाल से संचालित हो रही राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पूरे प्रदेश में इंजीनियरिंग कॉलेजों के कामकाज और पढ़ाई को देखती है.
- RGPV में 13 पाठ्यक्रम, 585 संस्थाएं और 3 लाख से ज्यादा छात्र पढ़ रहे हैं.
- राज्य सरकार का कहना है कि RGPV को तीन हिस्सों में बांटने से क्षेत्रीय स्तर पर पढ़ाई का स्तर बढ़ेगा
- स्टूडेंट्स को टेक्निकल एजुकेशन और एकेडिमिक सुविधा आसानी से मिल जाएगी.
- इसके साथ ही नए विश्वविद्यालय बनने से नए पद सृजित होंगे और रोजगार बढ़ेगा.
- भोपाल, जबलपुर और उज्जैन में स्थापित की जा रहीं तीन यूनिवर्सिटियों में छात्रों को केवल तकनीकी ज्ञान नहीं दिया. इसके साथ ही कौशल (Skill) भी सिखाया जाएगा.