MP News: स्‍वामित्व योजना में पटवारी के नाम नहीं होगी रजिस्ट्री, मोहन सरकार का बड़ा फैसला

MP News: मध्‍य प्रदेश में स्‍वामित्व योजना के तहत होने वाली रजिस्‍ट्री अब पटवारी के नाम पर नहीं होगी, बल्कि अब रजिस्‍ट्री शासन के नाम पर की जाएगी है.
CM Mohan Yadav

मोहन सरकार का बड़ा फैसला

MP News: मध्‍य प्रदेश में रजिस्‍ट्री को लेकर मोहन सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. प्रदेश सरकार ने पटवारी की मांग को मान लिया है. राज्य में ‘स्‍वामित्व योजना’ के तहत होने वाली रजिस्‍ट्री अब पटवारी के नाम पर नहीं होगी, बल्कि अब रजिस्‍ट्री शासन के नाम पर की जाएगी है.

पटवारियों की नाराजगी को लेकर राजस्‍व मंत्री करण सिंह वर्मा ने इस बात की जानकारी दी है. उन्‍होंने कहा है कि विभाग के प्रमुख सचिव से बात हो गई है और आने वाले समय में रजिस्‍ट्री में किसी भी तरीके की पटवारी को दिक्कत नहीं होगी.

प्रधानमंत्री के जन्‍मदिन पर शुरू हुई योजना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्‍मदिन पर 17 सितंबर को इंदौर में सीएम मोहन यादव और भाजपा के राष्ट्रीय अध्‍यक्ष नितिन नवीन ने ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026’ का शुभारंभ किया. इस योजना के तहत करीब 50 लाख निजी संपत्तियों के अधिकार अभिलेखों का मुफ्त में पंजीयन किया जाना है. इस योजना पर राज्य सरकार करीब 4 हजार करोड़ रुपये खर्च करने वाली है.

स्‍वामित्व योजना क्या है?

मध्‍य प्रदेश में ‘स्‍वामित्व योजना‘ के तहत ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों में लोगों की संपत्त‍ियों के अधिकार अभिलेख तैयार किए गए हैं. दरअसल, प्रदेश में कई परिवारों के पास अपना मालिकाना हक है, लेकिन उनके पास उसका कोई वैध रजिस्‍टर्ड दस्‍तावेज नहीं है. ऐसे ही लोगों को उनका हक दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने 2020 में स्‍वामित्व योजना की शुरूआत की थी.

योजना में सबसे खास बात है कि इसके लिए हितग्राही से स्‍टाम्‍प ड्यूटी या फिर पंजीयन का शुल्‍क नहीं लिया जाएगा. इसकी पूरी राशि राज्य सरकार देगी. योजना के तहत प्रदेश में अब तक कुल 41.586 गांवों में 68.47 लाख अधिकार अभिलेख तैयार किए जा चुके है वहीं इस योजना में करीब 50 लाख नि‍जी संपत्ति‍यों के अधि‍कार अभि‍लेखों का पंजीयन अभियान के तहत फ्री में किया जाएगा.

किन लोगों को मिलेगा लाभ

योजना के तहत उन ग्रामीणों को इसका लाभ मिलेगा, जिनकी निजी संपत्ति के अधिकार अभिलेख स्‍वामित्व योजना के तहत तैयार हो चुका है. योजना में लोगों के पंजीयन के बाद उनकी संपत्ति का दस्‍तावेजी अधिकार और मजबूत होगा. इन दस्‍तावेजों के माध्‍यम से लोग घर बनाने, करोबार, खेती या फिर दूसरी आर्थिक जरूरतों के लिए लोन लें पाएंगे. इससे ग्रामीण परिवारों की आर्थिक गतिवधियों और आजीविका को बढ़ावा मिल सकता है.

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