हाई कोर्ट के जज को कॉल करने का मामला, BJP विधायक संजय पाठक ने अदालत पहुंचकर मांगी माफी

MP News: चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ ने जज को कॉल करने के मामले में सुनवाई की. अदालत ने बीजेपी विधायक के वकील की दलीलों पर नाराजगी जताई. कोर्ट ने स्पष्ट करते हुए कहा कि ये दो पक्षों का विवाद नहीं है, इस मामले में कोर्ट ने खुद संज्ञान लिया है.
bjp mla Sanjay Pathak apologized to Madhya Pradesh High Court

बीजेपी विधायक संजय पाठक ने माफी मांगी

MP News: कटनी जिले के विजयराघवगढ़ विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक संजय पाठक ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में खुद उपस्थित होकर बिना शर्त माफी मांग ली है. चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ ने जज को कॉल करने के मामले में सुनवाई की. अदालत ने बीजेपी विधायक के वकील की दलीलों पर नाराजगी जताई. कोर्ट ने स्पष्ट करते हुए कहा कि ये दो पक्षों का विवाद नहीं है, इस मामले में कोर्ट ने खुद संज्ञान लिया है.

विधायक ने क्या दलील दी?

हाई कोर्ट में बीजेपी विधायक संजय पाठक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत ने पक्ष रखा. उन्होंने न्यायालय में कहा कि जज को गलती से फोन लग गया था. कोर्ट ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि इतनी गंभीर गलती कैसे हो सकती है? वहीं, विधायक संजय पाठक ने इस मामले में कहा कि मामला कोर्ट में है, इस पर कुछ भी टिप्पणी करना सही नहीं होगा.

क्या है पूरा मामला?

कटनी के रहने वाले आशुतोष दीक्षित ने संजय पाठक की कंपनियों को लेकर अवैध खनन की याचिका दायर की. अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले में मोड तब आया, जब जस्टिस विशाल मिश्रा ने 1 सितंबर 2025 को इस केस से अलग कर लिया. उन्होंने कहा था कि बीजेपी विधायक ने उनसे फोन पर संपर्क करने की कोशिश की. उन्होंने केस को चीफ जस्टिस के पास भेजने का निर्देश दिया.

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14 मई को होगी अगली सुनवाई

इस मामले की अगली सुनवाई 14 मई 2026 को होगी. मंगलवार (21 अप्रैल 2026) को हुई सुनवाई में याचिकाकर्ता आशुतोष दीक्षित के हस्तक्षेपकर्ता बनने के प्रस्ताव को कोर्ट ने खारिज कर दिया. हालांकि उन्हें अपना पक्ष रखने की स्वतंत्रता है.

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