MP में अब आउटसोर्स के माध्यम से होगी चतुर्थ श्रेणी में भर्ती, अब तक कर्मचारी चयन मंडल करवाता था परीक्षा
सांकेतिक तस्वीर.
MP News: मध्य प्रदेश में अब चतुर्थ श्रेणी के पदों को आउटसोर्स के मध्यम से ही भरा जाएगा. इसके लिए कोई भी परीक्षा नहीं होगी और ना ही कोई इंटरव्यू लिया जाएगा. सीधे आउट सोर्स के जरिए कर्मचारी की नियुक्ति होगी. अभी तक मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल चतुर्थ, तृतीय वर्ग के कर्मचारियों की नियुक्ति करता था, लेकिन अब आउटसोर्स से भर्ती करने का फैसला राज्य शासन ने लिया है. इस संबंध में वित्त विभाग ने प्रदेश के सभी विभाग राजस्व मंडल और कलेक्टर को दिये हैं.
मध्य प्रदेश में चतुर्थ श्रेणी के लाखों पद खाली
अब विभाग आउटसोर्स के जरिए चतुर्थ श्रेणी की भर्ती करेगा. खुद ही विज्ञापन जारी करेगा. इसके साथ ही खुद ही नियुक्ति करने का अधिकार भी उसके पास होगा. फिलहाल मध्य प्रदेश में लाखों चतुर्थ श्रेणी के पद खाली है. हालांकि कई बार कर्मचारियों की मांग रही है कि चतुर्थ श्रेणी के पदों को भरा जाए. इसके लिए जल्द ही विभाग फैसला करेंगे. मध्य प्रदेश में आउटसोर्स की संख्या काफी ज्यादा है. प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारी नियमिकरण की मांग को लेकर पहले से ही प्रदर्शन कर रहे हैं. अब सरकार का यह फैसला कर्मचारी संगठनों के लिए एक और चुनौती पैदा कर देगा. अभी तक मांग थी कि मौजूदा समय में जो सालों से आउटसोर्स में काम कर रहे हैं, उनका नियमितीकरण किया जाए. अब होने वाली आउटसोर्स की भर्ती पर भी कर्मचारी संगठन का विरोध देखने के लिए मिलेगा. हालांकि भर्ती प्रक्रिया में काफी लंबा समय लगता है. इस वजह से विभाग ने आउटसोर्स भर्ती करने का फैसला किया है. हालांकि यह भी बात सही है कि जब-जब आउटसोर्स के जरिए विभागों में भर्ती की प्रक्रिया होती है. पक्षपात का आरोप भी लगता रहा है. अब कर्मचारी संगठन किस तरह से विरोध करते हैं. यह देखना दिलचस्प होगा, लेकिन अब फिलहाल मध्य प्रदेश में आउटसोर्स के जरिया ही चतुर्थ श्रेणी की भर्ती की जाएगी.
कम आएगा खर्च लेकिन गोपनीयता पर खतरा बरकरार
चतुर्थ श्रेणी में भर्ती करने से हालांकि सरकार का आर्थिक बोझ कम आएगा, लेकिन गोपनीयता का सवाल अभी बरकरार है. गोपनीयता भंग होने का खतरा रहेगा, क्योंकि आउटसोर्स कर्मचारी के खिलाफ निलंबित करने के अलावा कोई एक्शन नहीं लिया जाता है. कई मामलों में आउटसोर्स कर्मचारी की गलती की वजह से ज्यादा अधिकारियों को भुगतान करना पड़ता है. अभी फिलहाल आउट सोर्स कर सैलरी को देने के लिए कलेक्टर दर पर भुगतान किया जाता है. यदि नियमित कर्मचारी है, तो उसे ग्रेड पे के मुताबिक भुगतान होता है. यानी कि सरकार पर खर्च ज्यादा आता है. हालांकि सरकार बैकलॉग के पद ज्यादा भर रही है, लेकिन चतुर श्रेणी में अब होने वाली भर्ती सिर्फ आउटसोर्स के जरिए ही की जाएगी.