‘MP में UCC लागू करने की तैयारी’, CM मोहन यादव बोले- हम मातृ शक्ति आधारित हैं, महिलाओं को 33 परसेंट आरक्षण देंगे
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में UCC लागू करने की तैयारी है.
MP News: मध्य प्रदेश में कॉमन सिविल कोड(UCC) लागू करने को लेकर बयानबाजी लगातार जारी है. इस बीच मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकार प्रदेश में यूसीसी लागू करने की तैयारी कर रही है. इस कॉमन सिविल कोड पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने यूसीसी को लेकर शायराना अंदाज में कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा, अभी और फांस बाकी है, कांग्रेस की और सांस बाकी है.
‘भारत मातृ सत्ता आधारित देश है’
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा, ‘अभी और फांस बाकी है, कांग्रेस की और सांस बाकी है. कांग्रेस की ये सांस उन सब कारणों से अटकी है, जिनसे देश आगे बढ़ा है. कॉम सिविल कोड की तरफ भी देश बढ़ रहा है. जब एक देश, एक निशान और एक प्रधान होगा तो आने वाला समय में क्या ऊंचा, क्या नीचा, क्या छोटा, क्या बड़ा, क्या हिंदु, क्या मुसलमान सभी के लिए कानून बराबर होगा. मुझे इस बात की खुशी है, कॉमन सिविल कोड की तरफ भी हमारी सरकार आगे बढ़ रही है. 200 से ज्यादा देश हैं. केवल हमारा देश है, जो खुद को मातृ सत्ता आधारित देश मानता है. हमारे लिए मातृत्व शक्ति प्रधान है. दूसरों के देशों में जो होगा बोलने वाला होगा. हम तो एक ही चीज बोलते हैं. भारत माता की जय. सरकार में नए-नए प्रतिमान बन रहे हैं. आज के समय में जब मैं इस वक्त आपसे बात कर रहा हूं, इस दौरान सरकार तेजी से काम कर रही है.’
‘महिलाओं को 33 परसेंट आरक्षण देकर इतिहास रचेंगे‘
वहीं ‘नारी शक्ति अधिनियम’ पर बोलते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा, ‘माताओं-बहनाओं का सम्मान होना चाहिए. मुझे इस बात की भी खुशी है कि जहां-जहां भारतीय जनता पार्टी की सरकार रही है. सबसे पहले 50 परसेंट आरक्षण का काम हमारी सरकार ने किया है. इसी महीने भारत की सरकार नया इतिहास रचेगी. सरकार महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33 परसेंट आरक्षण देगी. हमारी सरकार सनातन संस्कृति को मानने वाली सरकार है. जब तक लोकसभा में माताओं-बहनों को अपना स्थान ना मिल जाए, तब तक सोशल मीडिया पर भी इस बात को बताएं कि हम महिलाओं को 33 परसेंट आरक्षण देकर रहेंगे. सभी कार्यकर्ता दहाड़ कर बताएं कि बीजेपी जो भी कहती है उसे करके दिखाती है.
लोकसभा में 14 परसेंट और विधानसभा में 10 परसेंट महिलाएं
बता दें कि सेंसेक्स 2011 के मुताबिक देश में महिलाओं की आबादी लगभग साढ़े 48 परसेंट है. लेकिन लोकसभा में महिलाओं की संख्या 75 है, जो कुल सदस्यों की संख्या का लगभग 14 परसेंट हैं. वहीं विधानसभा में ये परसेंटेज और भी कम है. देश में कुल 4100 से ज्यादा विधायक हैं. इनमें महिलाओं की संख्या 392 है. मतलब ये 10 प्रतिशत से भी कम हुआ. ऐसे में अगर महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33 परसेंट आरक्षण मिलता है तो दोनों सदनों में महिलाओं की संख्या लगभग तीन गुना हो जाएगी.
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