MP News: मधुमक्खियों से बच्चों को बचाने वाली महिला को लेकर कांग्रेस विधायक ने लिखा पत्र, सरकार से परिवार को एक करोड़ देने की मांग

कांग्रेस विधायक ने कहा कि अपनी जान की परवाह न करते हुए 20 मासूम बच्चों की जान बचाने वाली कंचनबाई के पीड़ित परिवार को संपूर्ण आर्थिक सहायता प्रदान करें तथा उनके पुत्र को शासकीय सेवा में अवसर दें, तभी उनको सच्ची श्रृद्धांजलि होगी तथा इस प्रकार के निर्णय से समाज में निस्वार्थ सेवा और बलिदान की भावना को प्रेरणा प्रदान करें सहयोग हेतु मैं आपका आभारी रहूंगा.
Demand for Rs 1 crore assistance to the family of the woman who saved children from bees.

मधुमक्खियों से बच्चों को बचाने वाली महिला के परिवार को एक करोड़ की मदद देने की मांग.

MP News: मध्य प्रदेश के कांग्रेस के विधायक फूल सिंह बरैया ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखा है. उन्होंने पत्र लिखते हुए कहा है कि पिछले दिनों मधुमक्खियों से बच्चों को बचाने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की मौत के मामले में मुआवजा राशि और उसे सरकारी सुविधा दी जाएं. हालांकि मुख्यमंत्री ने 4 लाख रुपये और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने का खुद ही फैसला लिया था. अब इस मामले में कांग्रेस ने भी खुलकर महिला के परिवार और उनके बच्चों की देखभाल के लिए मांग की है.

कंचन बाई ने मानवता एवं त्याग की मिशाल पेश की

कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने पत्र में लिखा कि प्रदेश के नीमच जिले के सरवानिया महाराज क्षेत्र के ग्राम आमलीखेड़ा गांव के रानपुर में आंगनबाड़ी केन्द्र में स्व सहायता समूह की अध्यक्ष ने आंगनबाड़ी में पढ़ने आये बच्चों पर जब मधुमक्खियों ने जब हमला किया तो कंचनबाई मेघवाल अपनी परवाह न करते हुए बच्चों को पास में रखी तिरपाल से ढक कर कमरे में ले गई. इस दौरान मधुमक्खियां कंचनबाई मेघवाल को काटती रहीं लेकिन उन्होंने इसकी परवाह ना करते हुए मासूम बच्चों की जान बचाई. इसके बाद जब उन्हें गम्भीर रूप से घायल हो जाने के बाद अस्पताल ले जाया गया, तो डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. कंचन बाई ने मानवता एवं त्याग की मिशाल पेश की वह सराहनीय है.

परिवार की इकलौती कमाने वाली थी महिला

कंचनबाई मेघवाल जय माता दी स्व सहायता समूह की अध्यक्ष थीं तथा ग्राम आंगनवाड़ी में नियमित रूप से भोजन बनाकर बच्चों को खिलाया करती थीं. वे अपने परिवार की एक मात्र कमाऊ सदस्य थीं. उनके पति शिवलाल मेघवाल वर्ष २०२२ से पैरालिसिस से पीड़ित हैं और लम्बे समय से बेडरेस्ट पर है, जिनका इलाज कंचनबाई की आय से ही संभव हो पा रहा था। कंचन बाई अनुसूचित जाति वर्ग से होकर गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करती थीं. उनकी दो पुत्रियों का विवाह हो चुका है. एवं एक पुत्र रवि मेघवाल है जो अपनी माँ के साथ रहता है और मेहनत मजदूरी करके परिवार का हाथ बटाता है.

कांग्रेस विधायक ने की ये मांगें

  1. मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान कोष से रूपये 1,00,00000/- की सहायता दी जाए.
  2. संबल योजना के तहत रूपये 4,00000/- की सहायता दी जाये.
  3. प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत 2,00000/- की सहायता दी जाये.
  4. प्रधानमंत्री परिवार सहायता योजना के तहत 20,000/- की सहायता दी जाये.
  5. कंचनबाई मेघवाल के पुत्र रवि को प्रधानमंत्री आवास योजना में मकान दिया जाये.
  6. परिवार के भरण-पोषण को ध्यान में रखते हुए कंचनवाई के पुत्र रवि मेघवाल को शासकीय विभाग में नियुक्ति दी जाए.

‘परिवार को सहायता मिले, यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी’

कांग्रेस विधायक ने कहा कि अपनी जान की परवाह न करते हुए 20 मासूम बच्चों की जान बचाने वाली कंचनबाई के पीड़ित परिवार को संपूर्ण आर्थिक सहायता प्रदान करें तथा उनके पुत्र को शासकीय सेवा में अवसर दें, तभी उनको सच्ची श्रृद्धांजलि होगी तथा इस प्रकार के निर्णय से समाज में निस्वार्थ सेवा और बलिदान की भावना को प्रेरणा प्रदान करें सहयोग हेतु मैं आपका आभारी रहूंगा.

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