Damoh में कलेक्टर ने सरकारी हॉस्टल का किया निरीक्षण, दाल चखते ही लग गई मिर्ची, कहा- बच्चियां इसे कैसे खाती होंगी
दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव.
MP News: दमोह में सरकारी खाने की क्वालिटी को लेकर मिल रही शिकायतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. शुक्रवार को कलेक्टर ने अजा हॉस्टल का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने हॉस्टल में मिलने वाले खाने को परोसेने को कहा. लेकिन जैसे ही उन्होंने खाने में रखी दाल को चखा, कलेक्टर साहब के मुंह में मिर्ची लग गई. कलेक्टर के मुंह से फौरन निकल गया कि इस खाने को बच्चियां कैसे खाती होंगी.
खाने में सब्जी नहीं थी, केवल दाल मिली
शुक्रवार को कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने फिल्टर प्लांट और अजा हॉस्टल का निरीक्षण किया था. इस दौरान उन्होंने जब हॉस्टल के काने की क्वालिटी चेक करने के लिए खाना मंगवाया तो उन्हें खाने में सब्जी नहीं मिली, केवल दाल थी. लेकिन जैसे ही कलेक्टर प्रताप नारायण ने दाल खाई, वह तुरंत गुस्सा हो गए. दरअसल दाल में इतनी ज्यादा मिर्ची थी कि कलेक्टर दूसरा कौर खा ही नहीं सके. उन्होंने कहा कि जब मैं ये दाल नहीं खा पा रहा हूं, मुझे इतनी तीखी लग रही है तो बच्चियां कैसे खाती होंगी. उन्होंने स्टाफ को जमकर फटकार लगाई और कहा कि बच्चों के लिए दोबारा इतनी तीखी दाल ना बनाई जाए. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि दाल की गुणवत्ता में दोबारा कमी पाई गई तो कार्रवाई की जाएगी.
गुरुवार को कलेक्ट्रेट का किया था निरीक्षण
इसके पहले गुरुवार को कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने संयुक्त कार्यालय केलक्ट्रेट का निरीक्षण किया था. सुबह 10 बजे किए गए इस औचक निरीक्षण के दौरान उन्हें कई अधिकारी और कर्माचारी नदारद मिले. जिसके बाद कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. इसके साथ ही साफ-सफाई को लेकर भी कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर की और परिसर को स्वच्छ रखने के निर्देश दिए.
बता दें ये पहला मौका नहीं है जब दमोह में सरकारी खाने की क्वालिटी में खराबी मिली है. गुरुवार को भी सरकारी खाने में चीटिंयां मिलने की शिकायत मिली थी. तहसील के शासकीय सांदीपनि हायर सेकेंडरी स्कूल पटेरा में चल रहे जनगणना प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों ने मिलने वाले खाने की क्वालिटी पर सवाल उठाए थे. कर्मचारियों ने शिकायत की थी कि उन्हें दिए गए खाने में रोटी और दाल कच्ची थी, वहीं सब्जी के नाम पर भिंडी के कुछ टुकड़े थे. जबकि मिठाई में चीटियां लगी हुई थी. प्रशिक्षण लेने वालों ने बताया था कि उन्हें शासन की तरफ से 200 रुपये का खाना और दो टाइम की चाय निर्धारित की गई है. लेकिन इसके बावजूद उन्हें भूखा रहना पड़ रहा है.
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