डिंडोरी: जल गंगा संवर्धन अभियान अब जनभागीदारी, जल संरक्षण को लेकर जिले को मिली नई पहचान

डिंडोरी: मध्यप्रदेश के आदिवासी बाहुल्य डिंडोरी जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान अब जनभागीदारी से जन आंदोलन बनता दिखाई दे रहा है.
Dindori Jal Ganga Samvardhan Abhiyan

फाइल फोटो

डिंडोरी/अनिल शाहू: मध्यप्रदेश के आदिवासी बाहुल्य डिंडोरी जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान अब जनभागीदारी से जन आंदोलन बनता दिखाई दे रहा है दरअसल जल संरक्षण और जल संचय को लेकर जिले में अब तक करीब 2 लाख 82 हजार जल संरचनाओं का निर्माण करवाया जा चुका है. इसी वजह से जल शक्ति मंत्रालय की रैंकिंग में जिला देश में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है.

नवाचार के जरिये जल संरक्षण को मिली नई दिशा

व्यापक रूप ले चुके इस अभियान की खास तस्वीर बैगा आदिवासी बाहुल्य गांवों से सामने आ रही है, जहां पारंपरिक ज्ञान और नवाचार के जरिए जल संरक्षण को नई दिशा दी जा रही है. खेत का पानी खेत में और गांव का पानी गांव में थीम पर जिलेभर में व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है.

जल संरक्षण के साथ साथ पर्यावरण का संरक्षण

डिंडोरी जिले के बजाग जनपद पंचायत अंतर्गत बैगा आदिवासी बाहुल्य खमेरा गांव में जल संरक्षण की मुहिम जमीन स्तर पर दिखाई दे रही है. गांव में खेत तालाब, बावली और अन्य जल संरचनाओं का निर्माण कराया गया है, जो भीषण गर्मी में भी पानी से भरे हुए हैं. वहीं बारिश के पानी को संरक्षित करने के लिए घर-घर सोखता गड्ढों का निर्माण युद्ध स्तर पर किया जा रहा है.

पर्यावरण संरक्षण को भी अभियान से जोड़ा गया

खमेरा गांव में केवल जल संरक्षण ही नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी अभियान से जोड़ा गया है. बड़ी संख्या में पौधारोपण किया गया है और पौधों को जीवित रखने के लिए स्थानीय स्तर पर अनोखा नवाचार अपनाया गया है. पौधों के पास पानी से भरे मटके लटकाए गए हैं, जिनमें छोटे-छोटे छेद किए गए हैं ताकि बूंद-बूंद पानी सीधे पौधों की जड़ों तक पहुंच सके.

बैगा आदिवासी समुदाय की यह पहल अब दूसरे गांवों के लिए भी प्रेरणा बन रही है. गांव के लोग पूरे उत्साह के साथ जल गंगा संवर्धन अभियान में शामिल होकर पानी बचाने की मुहिम को आगे बढ़ा रहे हैं, इसके अलावा ग्रामीणों का कहना है कि पहले वे केवल खेती करते थे, लेकिन पंचायत की मदद से तालाब बनने के बाद अब मछली पालन भी कर रहे हैं, जिससे उनकी आमदनी में वृद्धि हुई है.

पुरानी संरचनाओं को किया गया पुनर्जीवित

अभियान को लेकर जिला कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया सहित तमाम विभाग के आला अधिकारी लगातार गांवों का दौरा कर चौपालों के माध्यम से ग्रामीणों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक कर रहे हैं, वहीं अभियान के तहत बन रही जल संरचनाओं की नियमित मॉनिटरिंग भी की जा रही है, इसके अलावा जिलेभर में पुरानी जल संरचनाओं को भी जनभागीदारी से पुनर्जीवित किया गया है…जल संरक्षण की यह सामूहिक पहल डिंडोरी जिले को प्रदेश में ही नहीं बल्कि पूरे देशभर में नई पहचान दिलाने की दिशा में आगे बढ़ती नजर आ रही है.

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