Bhopal News: मुख्य सचिव के सुझाव पर बदली प्लानिंग, फॉरेस्ट एरिया में कम होंगे अंडरपास, वेस्टर्न भोपाल बायपास की लागत 250 करोड़ घटी
मुख्य सचिव अनुराग जैन (फाइल फोटो)
Bhopal News: वेस्टर्न भोपाल बायपास प्रोजेक्ट की प्लानिंग में एक बार फिर बड़ा बदलाव किया गया है. मुख्य सचिव अनुराग जैन के सुझाव पर फॉरेस्ट एरिया में प्रस्तावित अंडरपास की संख्या कम करने का निर्णय लिया गया है. इस संशोधन से परियोजना की लागत में करीब 250 करोड़ रुपए की कमी आने का अनुमान है. मुख्य सचिव को हाल ही में परियोजना का प्रेजेंटेशन दिया गया था.
गलत एस्टीमेशन और एलाइनमेंट से अटका प्रोजेक्ट
इसमें फॉरेस्ट और टाइगर मूवमेंट एरिया में प्रस्तावित अंडरपास की संख्या और लागत का पुनर्मूल्यांकन प्रस्तुत किया गया. चर्चा के बाद सीएस ने अंडरपास की संख्या युक्तिसंगत करने के निर्देश दिए. संशोधित प्रस्ताव अब दोबारा उनकी मंजूरी के लिए रखा जाएगा. हरी झंडी मिलने के बाद ही परियोजना को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया तेज होगी.
वेस्टर्न भोपाल बायपास प्रोजेक्ट शुरुआत से ही गलत एस्टीमेशन और एलाइनमेंट में बदलाव की वजह से अटका रहा. सूत्रों के अनुसार फॉरेस्ट एरिया में अंडरपास और कोलांस नदी पर बनने वाले पुल के स्पान का सही आकलन नहीं किया गया था. वन विभाग और मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीआरडीसी) के बीच चर्चा में इन खामियों का खुलासा हुआ. यदि पूर्व प्रस्ताव लागू होता तो लागत में करीब 300 करोड़ रुपए तक की बढ़ोतरी हो सकती थी. लगातार एलाइनमेंट में बदलाव के कारण परियोजना में देरी भी होती रही.
2024 में कंपनी चयनित लेकिन काम शुरू नहीं
एमपीआरडीसी ने इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 2993 करोड़ रुपए तय की थी, जिसमें सिविल वर्क पर 1323.94 करोड़ रुपए खर्च प्रस्तावित था. वर्ष 2024 में वेस्टर्न भोपाल बायपास प्राइवेट लिमिटेड का चयन हाइब्रिड एन्युटी मोड पर किया गया था. कंपनी 1174 करोड़ रुपए में काम करने को तैयार हुई थी और 15 वर्षों तक मेंटेनेंस की जिम्मेदारी भी उसी की रहेगी.
हालांकि डेढ़ साल से अधिक समय बीतने के बावजूद काम शुरू नहीं हो पाया है. एलाइनमेंट में बदलाव के चलते भू-अर्जन की प्रक्रिया दोबारा करनी पड़ रही है। साथ ही चयनित कंपनी (पूर्व में पीएनसी इंफ्राटेक) के साथ सप्लीमेंट्री एग्रीमेंट भी करना होगा.
सवा पांच किमी कम हुई लंबाई
प्रारंभिक योजना के अनुसार बायपास की लंबाई 40.90 किमी प्रस्तावित थी, जो मंडीदीप के पास इटाया कलां से शुरू होकर रातीबड़ के आगे महाबड़िया होते हुए फंदा तक जाती. अब रातापानी टाइगर रिजर्व के कारण रूट में बदलाव किया गया है. संशोधित रूट भोपाल-जबलपुर मार्ग के ग्राम रतनपुर से शुरू होकर कोलार-रातीबड़ होते हुए भोपाल-देवास रोड के ग्राम फंदा कलां तक जाएगा.
नई लंबाई करीब 35.60 किमी होगी
यानी पहले की तुलना में लगभग सवा पांच किमी कम होगी. यह बायपास फोर लेन पेव्ड शोल्डर के साथ बनेगा और दोनों ओर 2-2 लेन सर्विस रोड भी तैयार की जाएगी. परियोजना पूर्ण होने पर डेढ़ घंटे का सफर लगभग 30 मिनट में तय किया जा सकेगा, जिससे राजधानी में ट्रैफिक दबाव कम होने और लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है.