MP News: एमपी में पहली बार वर्चुअल इमेज से पुलिस को ट्रेनिंग, उज्जैन सिंहस्थ में तैनात होंगे 60 हजार पुलिसकर्मी और 20 हजार पैरा मिलिट्री के जवान
मध्य प्रदेश पुलिस
MP News: श्रद्धालु जब उज्जैन में शिप्रा नदी में स्नान करने के लिए उतरता है, तो लगभग कितने मिनट में उसे बाहर आ जाना चाहिए. यदि वह बाहर नहीं निकलता है, तो क्या करना है और वह बाहर क्यों नहीं आया, इस तरह का प्रशिक्षण पहली बार वर्ष 2028 में होने जा रहे सिंहस्थ में तैनात होने वाले पुलिसकर्मियों को दिया जाएगा. मध्य प्रदेश में संभवतः पहली बार पुलिसकर्मियों को वर्चुअल ट्रेनिंग देने की तैयारी की जा रही है.
थ्री-डी तकनीक से पुलिसकर्मियों को किया जाएगा प्रशिक्षित
इसका कारण यह है कि इस बार नदी के दोनों ओर मिलाकर पहली बार 22 किमी लंबे घाटों में स्नान की सुविधा रहेगी. इसके चलते थ्री-डी तकनीक से घाटों का वीडियो बनाकर पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया जाएगा. वर्चुअल तरीके से स्थल दिखाए जाएंगे, जिससे क्षेत्र में जब पुलिसकर्मी पहुंचें, तो उन्हें भौगोलिक स्थितियों के बारे में पहले से जानकारी हो. इस बार प्रशिक्षण में दूसरा सबसे अधिक ध्यान पुलिसकर्मियों के श्रद्धालुओं के प्रति व्यवहार पर रहेगा. एक से दो दिन के प्रशिक्षण में उन्हें यह सिखाया जाएगा कि व्यवस्था के लिए टोकना जरूरी है, लेकिन व्यवहार बेहद अच्छा रखना है.
पीएचक्यू ने तैयार किया मॉड्यूल
सिंहस्थ में सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगभग 60 हजार पुलिसकर्मी मध्य प्रदेश के और 20 हजार अर्द्धसैनिक बल व दूसरे राज्यों की पुलिस तैनात रहेगी. सिंहस्थ के लिए पुलिस मुख्यालय ने मॉड्यूल तैयार कर लिया है. इसमें प्रयागराज महाकुंभ में हुए नवाचारों और तकनीकों के उपयोग को भी शामिल किया गया है. इसके अतिरिक्त भीड़ प्रबंधन, इंटरनेट मीडिया में फैलने वाली अफवाहों को रोकने, आग की घटनाएं सहित अन्य विषयों के बारे में भी जानकारी दी जाएगी.
प्रशिक्षण की शुरुआत पुलिस प्रशिक्षण स्कूलों में ट्रेनिंग ले रहे लगभग पांच हजार आरक्षकों से होगी. इस वर्ष एक से दो दिन का ही प्रशिक्षण होगा, जबकि वर्ष 2027 में यह प्रशिक्षण पांच से सात दिन का किया जाएगा. इसके लिए मुख्य प्रशिक्षक भी तैयार किए जाएंगे.
पुराने अधिकारियों को भी किया जाएगा शामिल
पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि बड़े आयोजन में पुराने अधिकारियों के अनुभव का भी लाभ लिया जाएगा. प्रशिक्षण के दौरान उन्हें भी बुलाया जाएगा, ताकि उनके अनुभव को ट्रेनिंग में शामिल किया जा सके. वे अपने कार्यकाल के दौरान कई बड़े आयोजनों में भीड़भाड़ की स्थिति को संभाल चुके हैं. ऐसी परिस्थितियों में पुलिस जवानों के सामने आने वाली चुनौतियां क्या होती हैं और उन्हें कैसे कम किया जाए, इस पर भी प्रशिक्षण दिया जाएगा.
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