MP News: बिना पात्रता के पूर्व मंत्रियों और नेताओं का बंगलों पर कब्जा, प्रभात झा को 13 जनवरी तक का अल्टीमेटम
भोपाल में मोहन सरकार कराएगी पूर्व मंत्रियों के सरकारी बंगले खाली
MP News: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव हारने और मंत्री पद जाने के बाद पात्रता समाप्त होने के बावजूद कई नेता अब भी अपने सरकारी बंगलों में डटे हुए हैं. ऐसे नेताओं पर अब मोहन सरकार सख्ती बरतने जा रही है. बिना पात्रता के सरकारी आवासों में रहने वाले पूर्व मंत्रियों और अफसरों से अब सख्ती से बंगले खाली कराए जाएंगे.
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष को भेजा खाली करने का नोटिस
इस कार्रवाई की शुरुआत भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्व. प्रभात झा के परिवार से होती दिख रही है. संपदा संचालनालय की ओर से भेजे गए नोटिस में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि यदि 13 जनवरी तक बंगला खाली नहीं किया गया तो प्रशासन बल प्रयोग कर बेदखली की कार्रवाई करेगा. अधिकारियों के अनुसार, प्रभात झा के परिवार को पहले ही 6 जनवरी को नोटिस जारी किया जा चुका है.
इन नेताओं ने हारने के बाद भी नहीं किए बंगले खाली
सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक, राजस्व मंत्री रहे रामपाल सिंह, पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा और पूर्व सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया 2023 का विधानसभा चुनाव हार चुके हैं. इसके बावजूद ये नेता पिछले दो वर्षों से सरकारी बंगलों में बने हुए हैं. वहीं, पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया भी वर्तमान में विधायक न होने के बावजूद मंत्री रहते मिले सरकारी बंगले को अब तक खाली नहीं कर रही हैं.
पूर्व सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने भी नहीं किया बंगला खाली
इसी तरह की स्थिति भोपाल की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर की भी है. सांसद न रहने के बावजूद वे अब भी सरकारी बंगले में निवास कर रही हैं. संपदा संचालनालय से मिली जानकारी के अनुसार, रामपाल सिंह को भी पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका है और अन्य मामलों में भी प्रक्रिया तेज कर दी गई है.
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सरकार ने अब साफ कर दिया है कि पात्रता समाप्त होने के बाद किसी भी स्थिति में सरकारी आवास पर कब्जा नहीं रहने दिया जाएगा. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार का कहना है कि नियम सभी पर समान रूप से लागू होंगे और तय समयसीमा के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी.