MP News: कलेक्टर के फर्जी सिग्नेचर से की धोखाधड़ी, 2.26 करोड़ रुपये निकाले, क्राइम ब्रांच ने कई लोगों को हिरासत में लिया

कलेक्टर ऑफिस से मिले जानकारी के अनुसार आरोपियों ने 5 मार्च को कलेक्टर के फर्जी लेटर हेड का इस्तेमाल कर बैंक खाते से एक मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी लिंक कराने के लिए भी आवेदन किया था. इस आवेदन में भी फर्जी हस्ताक्षर और सील का उपयोग किया गया था.
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सांकेतिक तस्वीर.

MP News: भोपाल में कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर के फर्जी सिग्नेचर कर चेक के माध्यम से बैंक धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें जिला शहरी विकास अभिकरण (डूडा) के बैंक खाते से करीब 2 करोड़ 26 लाख 71 हजार रुपये की अवैध निकासी कर ली गई. यह पूरी वारदात फर्जी चेक और कूट रचित दस्तावेजों के माध्यम से रुपये निकाले गए. मामले की शिकायत डिप्टी कलेक्टर निधि चौकसे ने साइबर क्राइम ब्रांच दी थी. उन्होंने शिकायत देकर बताया कि बैंक ऑफ इंडिया की शैफिया कॉलेज शाखा स्थित डूडा के खाते से 9 मार्च को पांच चेक के जरिए बड़ी राशि निकाली गई. इन चेकों पर डिप्टी कलेक्टर और कलेक्टर के फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे. वहीं मामले में कार्रवाई करते हुए क्राइम ब्रांच की टीम कई फर्म संचालकों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है.

अलग-अलग फर्मों के नाम पर रकम ट्रांसफर

जांच में सामने आया कि चेक क्रमांक 043701 से 043705 तक के जरिए अलग-अलग फर्मों के नाम पर रकम ट्रांसफर की गई. इनमें एन एस एंटरप्राइज, ब्लैक आई, राज कुमार एंटरप्राइज, दास एंटर प्राइज और मणि एंटर प्राइज शामिल हैं. इन फर्मों के बैंक खातों में राशि जमा होने के प्रमाण मिले हैं.

कलेक्टर के लेटर हेड का किया इस्तेमाल

कलेक्टर ऑफिस से मिले जानकारी के अनुसार आरोपियों ने 5 मार्च को कलेक्टर के फर्जी लेटर हेड का इस्तेमाल कर बैंक खाते से एक मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी लिंक कराने के लिए भी आवेदन किया था. इस आवेदन में भी फर्जी हस्ताक्षर और सील का उपयोग किया गया था.

इन बैंक खाता में भेजे गए रुपये

प्रारंभिक जांच में बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब नेशनल बैंक के खातों के जरिए राशि के लेन-देन की पुष्टि हुई है. क्राइम ब्रांच पुलिस ने संबंधित मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और खातों के वास्तविक उपयोगकर्ताओं की पहचान कर जांच शुरू कर दी है. इसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. मामले में कई धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है. आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं और निकाली गई राशि को रिकवर करने की प्रक्रिया भी जारी है. वहीं पूछताछ के लिए कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.

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