‘प्यार से समझा रहे, वरना जिस भाषा में समझते हो समझाएंगे…’ जलभराव की समस्या पर HC की ग्वालियर नगर निगम को फटकार
ग्वालियर में पहली बारिश में ही शहर का बुरा हाल हो गया है.
MP News: ग्वालियर हाई कोर्ट ने सीवर और जलभराव को लेकर दायर याचिका की सुनवाई के दौरान नगर निगम को सख्त फटकार लगाई. हाई कोर्ट ने कहा, ‘तुम्हें प्यार से समझ रहे हैं, फिर भी अगर नहीं माने तो तुम जिस भाषा में समझते हो उसी भाषा में समझाया जाएगा.’
जल भराव, सीवर और बदहाल सड़कें
ग्वालियर शहर में पिछले साल बरसात के दौरान जल भराव, सीवर और बदहाल सड़कों से लोगों ने बहुत मुश्किलों का सामना किया था. इस बार भी बारिश से पहले ही ग्वालियर के हालात नहीं सुधरे. इसी से परेशान ग्वालियर के कैप्टन उद्देश्य सिंह भदौरिया ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी. अधिवक्ता अवधेश सिंह भदौरिया के जरिए पेश की गई याचिका में कहा गया है कि पिछले वर्ष मानसून के दौरान शहर में जलभराव और सीवर ओवरफ्लो की गंभीर समस्या सामने आई थी, लेकिन नगर निगम और प्रशासन इसके स्थायी समाधान में विफल रहे. सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से इस वर्ष प्री-मानसून की पहली बारिश के बाद वार्ड क्रमांक 18, 19 सहित अन्य क्षेत्रों में जलभराव और सीवर समस्या के फोटोग्राफ्स न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए.
नगर निगम के एक हफ्ते का समय मांगने पर HC की फटकार
अधिवक्ता ने तर्क दिया कि जब पहली ही बारिश से शहर के हालात बिगड़ गए हैं, तो मानसून के दौरान स्थिति और भयावह हो सकती है. इस पर खंडपीठ ने नगर निगम के अधिवक्ता से पूछा कि क्या निगम यह आश्वासन देने को तैयार है कि इस वर्ष ग्वालियर में पिछले वर्ष जैसी जलभराव और सीवर की समस्या नहीं होगी. नगर निगम की ओर से जवाबदाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा गया.
इस पर हाईकोर्ट ने निगम को फटकार लगाते हुए तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा, ‘हम अभी नगर निगम को प्यार और शांति से समझा रहे हैं. अगर नहीं माने, तो जिस भाषा मे समझेंगे उसी में समझाने के लिए सख्ती से पेश आना होगा. हमारा उद्देश्य ग्वालियर के नागरिकों को इन समस्याओं से राहत दिलाना है.
टिप्पणी के साथ ही हाईकोर्ट ने नगर निगम को मामले की अगली सुनवाई 7 जुलाई को होगी. जिसमें नगर निगम को जवाब पेश करना होगा.
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