MP News: छात्रों को स्कूल में पढ़ाने की बात कहना पड़ा भारी, शिक्षिका ने बच्चों को क्लास से धक्का देकर निकाला
क्लास से बच्चों को बाहर निकालती शिक्षिका
रिपोर्ट- हेमकुमार तिवारी
MP News: श्योपुर जिले के ग्राम मातासूला स्थित प्राथमिक विद्यालय में नए शैक्षणिक सत्र के पहले ही दिन शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. यहां एक अभिभावक द्वारा बच्चों को पढ़ाने की बात कहना उस समय भारी पड़ गया, जब कथित तौर पर नाराज शिक्षिका ने कक्षा में बैठे मासूम बच्चों को धक्का देकर बाहर निकाल दिया. पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है. जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले की जांच के आदेश देते हुए दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है.
बिना शिक्षक के बैठे मिले छात्र
जानकारी के अनुसार, मातासूला निवासी ईश्वर मीणा अपने बच्चों का प्रवेश कराने प्राथमिक विद्यालय पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने देखा कि एक कक्षा में कई छात्र-छात्राएं बिना किसी शिक्षक के बैठे हुए थे. बच्चे काफी देर से शिक्षक का इंतजार कर रहे थे, लेकिन उन्हें पढ़ाने कोई नहीं पहुंचा. वहीं दूसरी ओर आरोप है कि विद्यालय की शिक्षिकाएं कार्यालय में बैठकर आपस में बातचीत करने और नाश्ता करने में व्यस्त थीं.
पढ़ाई की बात उठाने पर बढ़ा विवाद
अभिभावक ने जब यह स्थिति देखी तो उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि बच्चों को पढ़ाया जाना चाहिए. इसी बीच वहां मौजूद कुछ स्थानीय लोगों ने बिना शिक्षक के बैठे बच्चों का वीडियो बनाना शुरू कर दिया. आरोप है कि वीडियो बनते देख एक शिक्षिका नाराज हो गई और वीडियो बना रहे युवक से बहस करने लगी. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शिक्षिका ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और फिर गुस्से में कक्षा के भीतर पहुंचकर बच्चों को बाहर जाने के लिए कहा. आरोप है कि इस दौरान उन्होंने कुछ बच्चों को धक्का देकर कक्षा से बाहर निकाल दिया.
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में नाराजगी देखी जा रही है. वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि छात्र-छात्राएं शिक्षक के बिना कक्षा में बैठे हुए हैं. इसके बाद शिक्षिका की नाराजगी और बच्चों को बाहर निकालने की घटना भी कैमरे में कैद हो गई. हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है.
ग्रामीणों और अभिभावकों में नाराजगी
ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि सरकारी स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई पहले से ही प्रभावित हो रही है. यदि शिक्षक समय पर कक्षाओं में नहीं जाएंगे और पढ़ाने के बजाय अन्य गतिविधियों में व्यस्त रहेंगे, तो बच्चों का भविष्य कैसे संवर पाएगा. उनका कहना है कि इस मामले में केवल जांच ही नहीं, बल्कि जिम्मेदार शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई भी होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों.
जांच के आदेश, कार्रवाई का भरोसा
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी यश जैन ने तत्काल संज्ञान लिया है. उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो की जांच कराई जा रही है. यदि जांच में शिक्षिकाओं की लापरवाही या बच्चों के साथ अभद्र व्यवहार की पुष्टि होती है, तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुशासन बनाए रखना विभाग की प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
जांच रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजर
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है. अब सभी की नजर शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट और दोषियों पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है. यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा करेगा.
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