मुरैना: ‘पुराने थे, चोरी हो गए तो क्या बड़ी बात है,’ मुरैना जिला अस्पताल के AC आउटडोर चोरी, गैर-जिम्मेदाराना बयान से मचा बवाल

मुरैना: जिला अस्पताल में मरीजों के सामान से लेकर अस्पताल की शासकीय संपत्ति तक चोरी होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं.
Morena District Hospital

मुरैना जिला अस्पताल

मुरैना: जिला अस्पताल में मरीजों के सामान से लेकर अस्पताल की शासकीय संपत्ति तक चोरी होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. ताजा मामला जिला अस्पताल के आपदा प्रबंधन वार्ड का है, जहां चोरों ने चार AC के आउटडोर यूनिट को निशाना बनाया और उनके कंप्रेसर सहित अन्य सामान निकालकर ले गए.

बताया जा रहा है कि यह घटना 28 सितंबर की है. चोरों ने आपदा प्रबंधन वार्ड में लगे चार AC के आउटडोर यूनिट से कंप्रेसर समेत अन्य महत्वपूर्ण सामान निकाल लिया. घटना सामने आने के बाद भी अस्पताल प्रबंधन की ओर से करीब चार दिन तक पुलिस या अस्पताल चौकी में सूचना नहीं दिए जाने की बात सामने आई है.

अस्पताल में पहले भी हो चुकी हैं चोरी की घटनाएं

जिला अस्पताल में चोरी का यह कोई पहला मामला नहीं है. मरीजों और उनके परिजनों के मोबाइल, नगदी और अन्य सामान चोरी होने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं. इसके अलावा कुछ समय पहले अस्पताल के ICU से बैटरी सहित अन्य सामान चोरी होने की घटना भी सामने आई थी. उस मामले में पुलिस ने जांच करते हुए आरोपियों को पकड़ा था और चोरी गया सामान बरामद किया था.

इसके बावजूद अस्पताल परिसर में शासकीय उपकरणों की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त इंतजाम नजर नहीं आने से अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

सिविल सर्जन ने अस्पताल प्रबंधक से जानकारी लेने को कहा

AC के आउटडोर चोरी होने के मामले में जब सिविल सर्जन गजेंद्र सिंह तोमर से जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि इस संबंध में पूरी जानकारी अस्पताल प्रबंधक रविंद्र प्रजापति देंगे.

इसके बाद अस्पताल प्रबंधक रविंद्र प्रजापति से मामले की जानकारी ली गई. उन्होंने बताया कि AC के आउटडोर पुराने थे. जब उनसे पुलिस को शिकायत या सूचना दिए जाने के संबंध में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि पुलिस को सूचना नहीं दी गई है.

“पुराने थे, चोरी हो गए तो क्या बड़ी बात है?”

मामले को लेकर अस्पताल प्रबंधक का कथित तौर पर यह कहना कि AC के आउटडोर पुराने थे और चोरी हो गए तो इसमें क्या बड़ी बात है, अब चर्चा का विषय बना हुआ है. सवाल यह है कि कोई उपकरण पुराना होने मात्र से क्या वह शासकीय संपत्ति नहीं रहता?

अस्पताल में लगे AC के आउटडोर यूनिट और उनके कंप्रेसर भले ही पुराने हों, लेकिन वे सरकारी संपत्ति का हिस्सा हैं. ऐसे में उनके चोरी होने की सूचना संबंधित अधिकारियों और पुलिस को देना तथा चोरी की जांच कराना अस्पताल प्रबंधन की जिम्मेदारी को लेकर सवाल खड़े करता है.

चार दिन तक शिकायत क्यों नहीं?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि 28 सितंबर को चार AC के आउटडोर चोरी हुए थे, तो घटना के बाद तत्काल पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी गई? अस्पताल चौकी में शिकायत क्यों नहीं दर्ज कराई गई? चोरी गए सामान की कीमत और सरकारी रिकॉर्ड में उसकी स्थिति क्या है? क्या घटना की विभागीय जांच कराई गई है? इन सवालों के जवाब सामने आना अभी बाकी हैं.

शासकीय संपत्ति की सुरक्षा पर उठे सवाल

जिला अस्पताल में मरीजों के सामान की चोरी की घटनाओं के साथ अब अस्पताल की मशीनरी और उपकरणों की सुरक्षा पर भी सवाल उठने लगे हैं. यदि अस्पताल परिसर में लगे AC के आउटडोर से कंप्रेसर और अन्य सामान आसानी से चोरी हो सकता है और घटना के बाद भी पुलिस को सूचना नहीं दी जाती, तो अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीरता से समीक्षा किए जाने की जरूरत है.

अब देखना होगा कि अस्पताल प्रबंधन इस चोरी की घटना को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराता है या नहीं और शासकीय संपत्ति की सुरक्षा में लापरवाही के लिए जिम्मेदारी तय की जाती है या मामला पुराने सामान की चोरी बताकर ही समाप्त कर दिया जाता है.

ये भी पढ़ेंः BJP में सेंध लगाने की तैयारी? अखिलेश बोले- कई विधायक संपर्क में, लेकिन सपा में लाएं कैसे?

ज़रूर पढ़ें