मुरैना: रेत माफिया पर शिकंजा कसने की तैयारी, चंबल के घाटों पर तैनात होंगे 102 बंदूकधारी वनकर्मी
102 बंदूकधारी वनकर्मी तैनात
Morena News: सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के बाद चंबल नदी से होने वाले अवैध रेत उत्खनन को रोकने के लिए वन विभाग ने निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है. चंबल के घाटों से लेकर अवैध रेत के परिवहन वाले मार्गों पर वनकर्मियों की तैनाती की जाएगी. रिपोर्ट के अनुसार वन विभाग ने 102 वनरक्षकों के कंधों पर बंदूकें तैनात करने का निर्णय लिया है. ये वनरक्षक चंबल के घाटों से लेकर अवैध रेत के परिवहन वाले रास्तों पर निगरानी रखेंगे. चंबल नदी के करीब 30 घाट ऐसे बताए गए हैं, जहां अवैध रेत उत्खनन की शिकायतें सामने आती रही हैं.
नजर रखने के लिए तीन स्तर पर निगरानी टीमें
अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर नजर रखने के लिए तीन स्तर पर निगरानी टीमें बनाई गई हैं. पहली टीम मुरैना, सबलगढ़, अम्बाह और जौरा क्षेत्र में सक्रिय रहेगी. इन टीमों में राजस्व, पुलिस, खनिज और वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शामिल होंगे. हर घाट का निरीक्षण कर जीपीएस लोकेशन, फोटो और 360 डिग्री एंगल का वीडियो तैयार किया जाएगा. यह रिपोर्ट सप्ताह में दो बार एसडीएम के पास पहुंचेगी, जबकि एसडीएम महीने में दो बार रिपोर्ट जिला स्तर की टीम को देंगे.
पहले से एसएएफ के जवान तैनात हैं
वन विभाग के अनुसार चंबल नदी के राजघाट, बरवासिन घाट और हाईवे क्षेत्र में पहले से एसएएफ के जवान तैनात हैं. विभाग ने अतिरिक्त वनरक्षकों और बंदूकधारियों की मांग की थी. वहीं, घड़ियाल अभयारण्य क्षेत्र में भी निगरानी बढ़ाई जा रही है.
प्रशासन का दावा है कि अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर पूरी तरह रोक है, लेकिन जमीनी स्तर पर चंबल के घाटों और मार्गों पर रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही को लेकर सवाल उठते रहे हैं. रेत की कीमत बढ़ने से रेत माफिया के सक्रिय होने की आशंका भी जताई जा रही है.
अब कलेक्टर से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक रिपोर्ट भेजने की व्यवस्था की गई है. प्रशासन की टीमें नियमित निगरानी कर अवैध रेत उत्खनन की स्थिति की रिपोर्ट तैयार करेंगी. मुरैना, श्योपुर और भिंड जिलों में भी निगरानी व्यवस्था मजबूत की जाएगी.
ये भी पढ़ें: GEN-Z और GEN-अल्फा को लेकर CM योगी ने दी खुशखबरी, युवाओं को मिला 15 अगस्त का गिफ्ट