ग्वालियर में एशिया का पहला टेलीकॉम मैन्‍यूफैक्चरिंग जोन, भूमिपूजन में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गृह मंत्री अमित शाह को किया आमंत्रित

MP News: ग्वालियर के माधवराव सिंधिया काउंटर मैग्नेट सिटी (SADA) में प्रस्तावित यह परियोजना क्षेत्र को टेलीकॉम विनिर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है.
Amit Shah and Jyotiraditya Scindia

अमित शाह और ज्योतिरादित्य सिंधिया

MP News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को साकार करते हुए केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की अनोखी पहल व निरंतर प्रयासों से मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एशिया का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन (TMZ) अब आकार ले रहा है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना के भूमिपूजन समारोह में 29 अक्टूबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल होंगे. उन्होंने सिंधिया के आमंत्रण को स्वीकार करते हुए समारोह में शामिल होने की सहमति प्रदान की है.

ग्वालियर के माधवराव सिंधिया काउंटर मैग्नेट सिटी (SADA) में प्रस्तावित यह परियोजना क्षेत्र को टेलीकॉम विनिर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. इसके माध्यम से ग्वालियर में न केवल बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश आएगा, बल्कि टेलीकॉम क्षेत्र से जुड़ी विनिर्माण इकाइयों, तकनीकी नवाचार और रोजगार के नए अवसरों का व्यापक इकोसिस्टम भी विकसित होगा.

नियमित रूप से केंद्रीय मंत्री सिंधिया इस परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए संबद्ध मंत्रालय, और मध्य प्रदेश सरकार के अधिकारियों के साथ निरंतर समन्वय एवं समीक्षा करते आ रहे हैं. परियोजना की प्रगति, भूमि, निवेश, बुनियादी ढांचे और उद्योगों की आवश्यकताओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर लगातार काम किया जा रहा है.

हाल ही में ग्वालियर में प्रस्तावित स्थल के निरीक्षण के दौरान सिंधिया ने स्पष्ट किया था कि TMZ केवल एक औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि ग्वालियर में टेलीकॉम क्षेत्र से जुड़ी 24 से अधिक विनिर्माण इकाइयों को एक साथ विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम है. इसका उद्देश्य टेलीकॉम उपकरणों और विभिन्न कंपोनेंट्स के निर्माण के साथ डिजाइन, अनुसंधान एवं विकास, परीक्षण तथा नवाचार से जुड़ा एक व्यापक औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करना है.

क्या है टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन (TMZ)?

टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन को विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) की तर्ज पर विशेष प्लग-एंड-प्ले मॉडल के अंतर्गत विकसित करने की योजना है. इस मॉडल के तहत कंपनियों को तैयार बुनियादी ढांचा, साझा सुविधाएं और आवश्यक औद्योगिक वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे कम समय में अपनी विनिर्माण गतिविधियां शुरू कर सकें.

TMZ में टेलीकॉम उपकरणों एवं कंपोनेंट्स के निर्माण के साथ डिजाइन, अनुसंधान एवं विकास, परीक्षण तथा ऑप्टिकल फाइबर, सेमीकंडक्टर और 5G/6G जैसी उन्नत तकनीकों से जुड़े उद्योगों के विकास पर भी जोर रहेगा. यह पहल भारत को टेलीकॉम उत्पादों के विनिर्माण में आत्मनिर्भर बनाने, घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ाने और वैश्विक विनिर्माण श्रृंखला में देश की भागीदारी मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है.

5,500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव

ग्वालियर में TMZ की स्थापना के लिए निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में निवेशकों एवं उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बैठकें व रोड शो कीं. इन बैठकों व रोड शो के माध्यम से परियोजना की संभावनाओं, उपलब्ध सुविधाओं और निवेश के अवसरों को लेकर उद्योग जगत के साथ लगातार संवाद स्थापित किया गया.

जुलाई 2026 में TMZ की स्थापना को लेकर केंद्रीय दूरसंचार विभाग और मध्य प्रदेश सरकार के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए. इसके बाद सिंधिया और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में निवेशक रोड शो आयोजित किए गए. दिल्ली में आयोजित रोड शो के दौरान कंपनियों की ओर से लगभग 3,500 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता सामने आई, जिससे करीब 14,000 रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है. वहीं, 4 अगस्त को मुंबई में आयोजित रोड शो में लगभग 2,000 करोड़ रुपये के निवेश और करीब 4,000 रोजगार के अवसरों की प्रतिबद्धता प्राप्त हुई.

हाल ही में बेंगलुरु में केंद्रीय मंत्री सिंधिया द्वारा आयोजित निवेशक बैठक में टेलीकॉम, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनियों के साथ निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई. इस बैठक में भी निवेशकों ने परियोजना में रुचि दिखाई और लगभग ₹700–800 करोड़ के अतिरिक्त निवेश प्रस्ताव सामने आए. इन प्रयासों के परिणामस्वरूप TMZ के लिए 5,500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों और 18,000 से अधिक रोजगार के अवसरों की संभावनाएं उभरी हैं. केंद्रीय मंत्री सिंधिया की इस सार्थक पहल से यह TMZ ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.

केंद्र सरकार देगी 493 करोड़ रुपये की 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता

इस परियोजना के प्रथम चरण के बुनियादी ढांचे के लिए केंद्र की मोदी सरकार 493 करोड़ रुपये की 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है. मध्य प्रदेश सरकार ने परियोजना के लिए लगभग 170 एकड़ भूमि निःशुल्क उपलब्ध कराई है. परियोजना के क्रियान्वयन के लिए गठित विशेष प्रयोजन कंपनी (SPV) में मध्य प्रदेश सरकार की 51 प्रतिशत और दूरसंचार विभाग की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी निर्धारित की गई है. केंद्र और राज्य सरकार के बीच यह साझेदारी परियोजना के समयबद्ध क्रियान्वयन, औद्योगिक आधारभूत संरचना के विकास और निवेशकों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.

सिंधिया कर रहे हैं परियोजना की निरंतर समीक्षा

केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने हाल ही में दूरसंचार विभाग, भारत सरकार और मध्य प्रदेश शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ग्वालियर के माधवराव सिंधिया काउंटर मैगनेट सिटी (SADA) क्षेत्र में TMZ के लिए चिह्नित भूमि का स्थल निरीक्षण किया था. इस दौरान परियोजना की प्रगति, भूमि की उपलब्धता, निवेशकों की आवश्यकताओं और आगामी कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की थी.

उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को परियोजना से संबंधित कार्यों को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाने तथा निवेशकों के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे. सिंधिया इस परियोजना को अपनी प्राथमिकताओं में रखते हुए लगातार इसकी प्रगति की निगरानी कर रहे हैं. ग्वालियर में प्रस्तावित एशिया का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन न केवल मध्य प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई दिशा देगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, तकनीकी कौशल और उद्यमिता के नए अवसर भी सृजित करने की क्षमता रखता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ के विजन के अनुरूप यह परियोजना भारत को वैश्विक टेलीकॉम विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है. सिंधिया की दूरगामी पहल से ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के साथ साथ सम्पूर्ण मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार की नई संभावनाओं को बल मिल रहा है.

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