MP News: सुप्रीम कोर्ट के आदेश बेअसर! शहर में फर्राटे भर रहे अवैध रेत से लदे ट्रैक्टर, आमने-सामने भिड़ीं दो ट्रॉलियां
अवैध रेत से लदे ट्रैक्टर आपस में टकराए
MP News: मुरैना में चंबल नदी से अवैध रेत खनन और परिवहन पर रोक को लेकर प्रशासनिक सख्ती के तमाम दावों के बीच मुरैना शहर में अवैध रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खुलेआम दौड़ती नजर आ रही हैं. शनिवार दोपहर शहर के भीतर ही दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आमने-सामने हुई भिड़ंत ने प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी.
मां-बेटी चौराहा के पास हुआ हादसा
घटना मुरैना-जौरा रोड स्थित मां-बेटी चौराहा से महाराजपुर जाने वाले मार्ग पर केएस स्कूल के पीछे करीब दोपहर 12 बजे की बताई जा रही है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक ट्रॉली में चंबल नदी से लाई गई रेत भरी हुई थी, जबकि दूसरी ट्रॉली खाली थी. दोनों वाहनों की आमने-सामने टक्कर से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. हालांकि, हादसे में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है.
प्रशासनिक दावों पर उठे सवाल
गौरतलब है कि चंबल नदी में रेत खनन और परिवहन पर नियंत्रण के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के साथ-साथ जिला प्रशासन द्वारा भी लगातार कार्रवाई के दावे किए जाते रहे हैं. कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक स्वयं विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहे हैं तथा रात के समय चौकसी बढ़ाने की बात कही जा रही है. इसके बावजूद दिनदहाड़े शहर की सड़कों पर अवैध रेत से लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली दौड़ते दिखाई देना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है.

दिन में बेखौफ चल रहा अवैध परिवहन
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की निगरानी रात तक सीमित नजर आती है, जबकि दिन के समय अवैध रेत का परिवहन करने वाले वाहन बेखौफ होकर शहर में प्रवेश कर रहे हैं. लोगों ने मांग की है कि अवैध रेत परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए दिन के समय भी सघन जांच अभियान चलाया जाए, ताकि इस तरह की गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके.
वीडियो वायरल होने के बाद फिर गरमाया मुद्दा
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद एक बार फिर अवैध रेत खनन और परिवहन का मुद्दा चर्चा में आ गया है. इस घटना के बाद यह सवाल और भी गंभीर हो गया है कि जब प्रशासन की सख्ती के दावे लगातार किए जा रहे हैं, तो आखिर अवैध रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली शहर की सड़कों तक कैसे पहुंच रहे हैं. साथ ही यह भी सवाल उठ रहा है कि इस पूरे मामले में जिम्मेदार विभागों की निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है.