‘वन विभाग ने 100 भैंसें चुरा लीं’, ग्रामीण बोले- टाइगर का निवाला बना दिया; शिवपुरी में गुर्जर समाज के 10 हजार लोगों का प्रदर्शन
भैंसे चोरी होने के विरोध में गुर्जर समाज का बड़ा प्रदर्शन.
Input- कपिल मिश्रा
Shivpuri News: शिवपुरी में ग्रामीणों ने वन विभाग पर भैंसे चुराने का आरोप लगाया है. ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग के लोगों ने पिछले डेढ़ साल में 100 भैंसें चुराकर उन्हें टाइगर का निवाला बना दिया. इसको लेकर ग्वालियर-चंबल संभाग समेत प्रदेश के कई जिलों से हजारों की संख्या में गुर्जर समाज के लोग गुरुवार को इकट्ठा हुए. गांधी पार्क से रैली निकालकर गुर्जर समाज के लोगों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा. इस दौरान गुर्जर समाज के नेताओं ने वन विभाग और माधव टाइगर रिजर्व के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई और कई गंभीर आरोप लगाए.
‘अगर मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन करेंगे’
गुर्जर समाज के प्रतिनिधि प्रदीप सिंह गुर्जर ने बताया कि शिवपुरी में करीब 10 हजार गुर्जर समाज के लोग इकट्ठा हुए हैं. उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर गुर्जर समाज की मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो प्रदेशभर से लाखों की संख्या में गुर्जर समाज के लोग शिवपुरी पहुंचकर बड़ा आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी.
ज्ञापन में गुर्जर समाज ने झिरना सरकार स्थान को संरक्षित करने, वन विभाग द्वारा कथित उत्पीड़न रोकने, वर्षों से खेती कर रहे किसानों को पट्टे देने, माधव टाइगर रिजर्व क्षेत्र के प्रभावित गांवों के परिवारों को पुन सर्वे में शामिल कर विस्थापन और मुआवजा देने, धनसिंह कोतवाल, पन्नाधाय और भगवान देवनारायण की प्रतिमाएं स्थापित करने, ऐतिहासिक मंदिरों के संरक्षण, ईको सेंसिटिव जोन से प्रभावित गांवों के पुनर्वास तथा नरवर नगर वन क्षेत्र में पार्क जाने वाले रास्ते को बंद नहीं करने सहित कई मांगें रखीं.
‘भैंस को पकड़कर DCM में ले जाते हुए देखा’
इस दौरान गुर्जर समाज के लोगों ने माधव टाइगर रिजर्व के कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. समाज के प्रतिनिधियों का कहना था कि सुरवाया क्षेत्र से पिछले डेढ़ वर्ष में करीब 100 भैंसों को चोरी कर टाइगरों के लिए ले जाया गया. उनका दावा है कि इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब एक बुजुर्ग ग्रामीण ने कथित रूप से एक भैंस के पड़े को डीसीएम वाहन में ले जाते हुए देखा. ग्रामीणों का कहना है कि अब तक वे अपने मवेशियों के गायब होने के पीछे टाइगरों का हमला मानते रहे, लेकिन बाद में उन्हें संदेह हुआ कि मवेशियों को जानबूझकर टाइगरों के आगे छोड़ा जा रहा है.
‘अधिकारी फंड का दुरुपयोग कर रहे हैं’
गुर्जर समाज के लोगों का आरोप है कि टाइगर रिजर्व में टाइगर को मांस खिलाने वाले फंड का अधिकारी दुरुपयोग कर रहे हैं. इसलिए ग्रामीणों के मवेशियों को टाइगरों का निवाला बनाया जा रहा है. उन्होंने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है.
इसके पहले भैंस का पड़वा गायब होने के मामले में मंगलवार रात ग्रामीणों ने सुरवाया थाना क्षेत्र में धरना प्रदर्शन किया था. इस मामले में सुरवाया थाना पुलिस पहले ही अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कर चुकी है.
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